रामलला दर्शन के लिए मिलेगा केवल इतने सेकंड का समय, पहले करने होंगे इनके दर्शन

अयोध्या

अयोध्या के श्रीरामजन्म भूमि में विराजमान रामलला के निर्माणाधीन दिव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ में एक श्रद्धालु को दर्शन के लिए 17 सेकेंड से अधिक समय नहीं मिल पाएगा। रेलवे की अन्तरराष्ट्रीय निर्माण एजेंसी राइट्स ने श्रद्धालुओं की भीड़ का आकलन करते हुए अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी तीर्थ क्षेत्र के साथ साझा की है। इसका खुलासा भवन निर्माण समिति के चेयरमैन एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नृपेन्द्र मिश्र ने एक साक्षात्कार में किया है।

उनका मानना है कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद देश-विदेश से श्रद्धालुओं की भीड़ यहां उमड़ेगी। अनुमान है कि प्रतिदिन तीन लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए आएंगे। पिछले कार्तिक परिक्रमा मेला के दौरान एक दिन में सुबह-शाम की दोनों पारियों को मिलाकर करीब पौने दो लाख श्रद्धालु यहां दर्शन कर चुके हैं जो अब तक यहां का रिकार्ड है। नये भवन में दर्शन शुरू होने के बाद इस रिकार्ड का टूटना तय है। राम मंदिर निर्माण के आरंभ में ही लाखों दर्शनार्थियों के आगमन को ध्यान में रखते हुए पिछले साल ही श्रीरामजन्म भूमि की स्थाई सुरक्षा समिति ने दर्शनावधि बढ़ाने का सुझाव दिया था। स्थाई सुरक्षा समिति के सुझाव पर ही तीर्थ क्षेत्र ने दर्शनावधि बढ़ा दी है जो कि अधिकतम है। तीर्थ क्षेत्र कार्यालय के प्रभारी प्रकाश कुमार गुप्ता ने बताया कि आम दिनों में दर्शन की अवधि सुबह सात से अपराह्न साढ़े 11 बजे है जबकि दूसरी पारी में अपराह्न दो बजे से सायं सात बजे तक निर्धारित है। वहीं रामनवमी के अवसर पर यह समयावधि सुबह साढ़े छह से साढ़े 11 बजे और दूसरी पारी में अपराह्न दो बजे से सायं साढ़े सात बजे तक बढ़ा दी जाती है।

रामलला के पहले हनुमानजी व गरुड़ के होंगे दर्शन
रामजन्म भूमि में निर्माणाधीन दिव्य मंदिर के गर्भगृह में रामलला के दर्शन से पहले भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी एवं गरुड़ देव के दर्शन होंगे। राम मंदिर के गर्भगृह के दक्षिण एवं उत्तर में दोनों तरफ प्रार्थना मंडप का निर्माण कराया गया है। इस प्रार्थना मंडप के बाहर दक्षिण तरफ हनुमान जी एवं उत्तर तरफ गरुड़ देव विराजमान होंगे। इसी तरह से जन्मभूमि पथ से राम मंदिर के मध्य तोरण द्वारों की शृंखला भी बनाई जाएगी।

राम मंदिर में प्रवेश के लिए सिंहद्वार का निर्माण हो चुका है। इसके अलावा राम पथ के इंट्री प्वाइंट पर प्रतीक स्तंभ बनाने की तैयारियां भी चल रही है। वहीं परिसर के इंट्री में परकोटे में प्रवेश से पहले गोपुरम निर्माण का प्रस्ताव है। इसके लिए जमीन लिए जाने के सम्बन्ध में आपसी सहमति बनाई जा रही है जबकि गोपुरम से आगे परकोटे के प्रवेश द्वार को गज द्वार के रूप में निर्मित किया जाएगा।

 

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