धार्मिक आजादी पर भारत को ब्लैक लिस्ट करने की अमेरिकी पैनल की मांग

न्यूयोर्क
अमेरिका के एक सरकारी पैनल ने फिर से भारत को चुभने वाली बात कही है। अमेरिका के वैश्विक धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौर में भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ घटनाओं में इजाफा हुआ है। अमेरिकी आयोग ने धार्मिक स्वतंत्रता के मामले में भारत को ब्लैकलिस्ट करने की भी सिफारिश बाइडेन प्रशासन से की है। इसे लेकर भारत की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। पहले भी इस पैनल की ओर से भारत के खिलाफ सिफारिशें की जाती रही हैं, लेकिन अमेरिका का विदेश मंत्रालय उसकी रिपोर्ट्स को खारिज करता रहा है।

इस बार भी अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से इस रिपोर्ट को स्वीकार करने की संभावना नहीं है, लेकिन आयोग की टिप्पणी जरूर भारत को चुभने वाली है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय हर साल एक लिस्ट जारी करता है, जिसमें वह धार्मिक स्वतंत्रता के आधार पर देशों को शामिल करता है। कुछ ऐसे देशों पर अमेरिका प्रतिबंध लगाने पर भी विचार करता है, जिनकी रैंकिंग कम होती है। फिलहाल धार्मिक स्वतंत्रता के मामले में अमेरिका ने चीन, ईरान, म्यांमार, पाकिस्तान, रूस और सऊदी अरब को ब्लैक लिस्ट में रखा है। अब अमेरिकी पैनल ने इस सूची में भारत, नाइजीरिया और वियतनाम को भी रखने की सिफारिश की है।

अमेरिकी आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि मुस्लिम और ईसाई मजहब से जुड़े लोगों को टारगेट किया गया है और उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किए गए हैं। हालांकि बीते साल भी अमेरिकी पैनल ने ऐसे ही सवाल उठाए थे। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि अमेरिका में ब्लैक लोगों के खिलाफ जो होता है, उस पर क्या कुछ कहने की जरूरत है। यही नहीं उन्होंने एक सिख पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा था कि कल ही यहां पर हेट क्राइम की घटना हुई है।

अमेरिका से भारत के रिश्तों को पटरी से उतार सकती है रिपोर्ट

यह लगातार चौथा साल है, जब अमेरिकी पैनल ने भारत को लेकर इस तरह की सिफारिश की है। बता दें कि भारत पहले भी आयोग को पूर्वाग्रह से ग्रसित बता चुका है और अमेरिका से आपत्ति भी जताई थी। एक बार फिर से इस मामले पर भारत का सख्त रुख देखने को मिल सकता है। भारत और अमेरिका की साझेदारी रक्षा से लेकर कारोबार तक में बढ़ रही है, ऐसे में यह रिपोर्ट दोनों देशों के रिश्तों को पटरी से उतारने की कोशिश जैसा है।

अमेरिका ने की भारत में पैगंबर पर विवादित टिप्पणी की निंदा

डॉनल्ड ट्रंप सरकार ने नाइजीरिया को कुछ समय के लिए ब्लैक लिस्ट में डाला था लेकिन बाइडेन सरकार ने आते ही उसे वहां से यह कहते हुए हटा दिया था कि इस अफ्रीका के इस सबसे ज्यादा आबादी वाले देश में होने वाली हिंसा धर्म आधारित नहीं है.

आयोग ने कुछ ऐसे देशों को निगरानी सूची में रखने की सिफारिश की है, जिनसे अमेरिका के अच्छे संबंध हैं. इनमें मिस्र, इंडोनेशिया और तुर्की शामिल हैं.

भारत पर रिपोर्ट

अपनी सालाना रिपोर्ट में आयोग ने लिखा है कि भारत में अल्पसंख्य मुसलमानों और ईसाइयों की संपत्तियों के साथ तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. साथ ही रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में हिंदुत्वादी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ऐसी नीतियां बना रही है, जो अल्पसंख्यकों के मूल अधिकारों के खिलाफ हैं.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत में अल्पसंख्यकों पर हमलों के लेकर जताई चिंता

रिपोर्ट कहती हैं, "भेदभावपूर्ण कानूनों के इस्तेमाल ने एक तरह की संस्कृति तैयार कर दी है जिसमें भीड़ या समूहों द्वारा धमकियां देना, हिंसा करना और अभियान चलाना आम हो चला है.”

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button