बेटा पूछता था पापा कितनी बार डिप्टी CM बनोगे, अजित पवार ने बताई ‘अपमान’ की कहानी

महाराष्ट्र

अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी तोड़कर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं। अब उनका कहना है कि दिग्गज शरद पवार के साथ रहते पार्टी में उनका कई बार 'अपमान' हुआ। साथ ही उन्होंने कहा कि चाचा यानी सीनियर पवार बेटी सुप्रिया सुले को मुख्यमंत्री बनाने के चलते खुद एनसीपी के प्रमुख बने रहना चाहते थे। रविवार को अजित करीब 8 विधायकों के साथ एनडीए सरकार में शामिल हो गए थे। वहीं, बुधवार को उनके साथ 31 विधायक नजर आए।

डिप्टी सीएम बनते बनते थके?
खास बात है कि 2019 विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक यानी 4 सालों में अजित 3 बार उपमुख्यमंत्री पद संभाल चुके हैं। इससे पहले भी वह इस पद पर रहे थे। उन्होंने कहा, 'मैं डिप्टी सीएम पद से थक गया था। मेरा बेटा पूछता था कि पापा आप कितनी बार डिप्टी सीएम बनोगे।' उन्होंने एनसीपी को सीएम पद नहीं मिलने पर भी चाचा पवार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाए, 'मैं डिप्टी सीएम रहा हूं। हमें मुख्यमंत्री का पद मिल सकता था, लेकिन मेरे चाचा ने इनकार कर दिया।' 2019 में बनी महाविकास अघाड़ी सरकार में भी उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने के बाद अजित को डिप्टी सीएम बनाया गया था।

बेटी को आगे बढ़ा रहे थे पवार?
10 जून को हुई एनसीपी की बैठक में सीनियर पवार ने बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने बारामती से सांसद बेटी सुप्रिया को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया था। साथ ही वफादार माने जाने वाले प्रफुल्ल पटेल को भी कार्यकारी अध्यक्ष का जिम्मा सौंपा था। खास बात है कि तब पार्टी ने अजित को कोई भी जिम्मेदारी नहीं दी थी। वह राज्य में नेता प्रतिपक्ष थे। तब पार्टी नेताओं ने कहा था कि इसमें अजित की भी सहमति है।

एनसीपी अध्यक्ष चुने गए थे अजित?
राकंपा पर नियंत्रण की कोशिश में जुटी अजित पवार एंड टीम भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पहुंच चुकी है। खबर है कि यहां पार्टी ने बताया है कि बगावत के दो दिन पहले ही अजित को एनसीपी का अध्यक्ष बनाया गया था। मौजूदा तस्वीर से संकेत मिल रहे हैं कि एनसीपी के अधिकांश विधायक अजित के समर्थन में हैं।

 

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