सिल्ट सफाई का टेंडर तैयार, स्थान चिन्हित नहीं

.25 प्रति स्क्वायर, प्रतिवर्ष जमता है सिल्ट, 8 फीट जमा सिल्ट से घट गई जल ग्रहण क्षमता

इटारसी, विश्वनाथ सिंह। देनवा, तवा नदी के संगम पर तवा बांध बना है। देनवा, पचमढ़ी क्षेत्र पथरीला होने के कारण यहां से रेत की मात्रा अधिक और मिट्टी की कम मात्रा मैं बहकर डैम में पहुंचती है। वही बैतूल की तरफ से बारिश में मिट्टी बहकर बांध में आती है। विभाग के अनुसार निर्धारित मानक .25 प्रति स्क्वायर, प्रतिवर्ष यहां सिल्ट जमा होता है। 1986- 87 से जमा हो रहा सिल्ट लगभग 8 फुट से अधिक एकत्र हो गया है। इससे जलग्रहण क्षमता पर भी विपरीत असर पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक पानी कम होने पर अंडर स्लूस गेट खोलें जाते तो शायद आज इतनी बड़ी मात्रा में सिल्ट जमा नहीं होती। बांध के एक तरफ रिसोर्ट है जबकि दूसरी तरफ जंगल है। तीसरी तरफ फॉरेस्ट टापू बना हुआ है। ऐसे में राइट डैम ही एकमात्र सिल्ट रखने की जगह हो सकती है। बता दें कि जमा सिल्ट गेटों के ऊपर तक आ रही है। जलग्रहण क्षमता कम होने से बैतूल, हरदा के किसानों के लिए यह वरदान नहीं अभिशाप साबित होता जा रहा है। इस संबंध में एसडीओ एम.के. सूर्यवंशी का कहना है कि कुछ कंपनी के लोग सिल्ट सफाई के लिए स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। सिल्ट रखने के लिए एक-दो स्थान देखें भी जा रहे हैं।

गोताखोर, इंजीनियर टीम के महीनों प्रयास रहे विफल

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1986-87 में अंडर स्लूस गेट को चालू करने के प्रयास किए गए। गोताखोर और इंजीनियर की टीम ने पानी में जाकर महीनों प्रयास भी किए। ऑक्सीजन के सहारे घंटों गोताखोर पानी के अंदर रहने के बाद भी इन्हें किसी प्रकार की कोई सफलता हाथ नहीं लगी।

क्या है अंडर स्लूस

बारिश के दिनों में पानी के साथ नदी, नाले से बहता हुआ जो पानी तवा बांध में आता है। इस पानी के साथ मिट्टी और कपा भी आता है। यह मिट्टी और कपा डैम के बाटम (तल) में एकत्रित हो जाता है। इसके निकासी के लिए 9 एवं 10 नंबर के गेट से नीचे 4 अंडर स्लूस बने हैं। यदि समय-समय पर इसे खोला जाता तो शायद इतनी मात्रा में सिल्ट जमा नहीं होती। डैम निर्माण के बाद 1986-87 से ही इसे खोलने की हिम्मत किसी ने नहीं दिखाई।

1100 सौ करोड़ का बना टेंडर

डैम के सिल्ट सफाई के लिए 1100  करोड़ का टेंडर तैयार कर लिया गया है। टेंडर के उपरांत डैम से सिल्ट निकालने का कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। वीके जैन, कार्यपालन यंत्री

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