तन्खा की बॉल पर शिवराज का छक्का निशाने पर कमलनाथ

जाने-माने वकील विवेक तन्खा ने एक साक्षात्कार में कमलनाथ को कांग्रेस का मुख्यमंत्री प्रत्याशी मजबूरी में बताते हुए कहा कि उनके पास हवाई जहाज है, धन दौलत है और अनुभव भी है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में

सुरेश शर्मा, भोपाल। जाने-माने वकील विवेक तन्खा ने एक साक्षात्कार में कमलनाथ को कांग्रेस का मुख्यमंत्री प्रत्याशी मजबूरी में बताते हुए कहा कि उनके पास हवाई जहाज है, धन दौलत है और अनुभव भी है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात पर मंथन शुरू हो गया कि कमलनाथ पर हमला करने का तनखा का यह विशिष्ट तरीका है। इससे पहले अरुण यादव और अजय सिंह राहुल भैया भी उनके भावी मुख्यमंत्री होने पर अपना पक्ष रख चुके हैं। तनखा के बयान के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर निशाना साधा है। तनखा की बॉल पर शिवराज ने ऐसा छक्का जड़ा है जिससे कमलनाथ पिच से आउट होते दिखे हैं। इस मुद्दे पर राजनीति और गर्म होती रहेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विवेक तंखा के बयान के बाद कमलनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा आपकी दौलत आपको मुबारक। नेता बनने का यह पैमाना नहीं हो सकता। हम तो जनता की सेवा करना जानते हैं जनता हमारे साथ है। मुख्यमंत्री के इस तंज के बाद कांग्रेस की राजनीति में भारी हलचल और उठापटक देखी जा रही है। इस बात को तलाशा जा रहा है कि आखिरकार जाने-माने वकील विवेक तंखा ने इस प्रकार कका बयान क्यों दिया? पता चला है कि विवेक तंखा भी इस बात पर खफा है कि कमलनाथ ने हाईकमान से पूछे बिना ही अपने आप को भावी मुख्यमंत्री कैसे घोषित कर दिया ? लेकिन धनाढ्य और प्रभावशाली नेता के सामने सीधी टक्कर लेने की स्थिति किसी की भी नहीं है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कमोबेश इसी भावना से कांग्रेस में उठे विवाद पर पेट्रोल डालने का काम किया है।

कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ईश्वर की कृपा है कि कमलनाथ अरबपति करोड़पति पैदा ही हुए थे। उन्होंने सरकार में रहकर ₹1 वेतन नहीं लिया और अपने ही साधन से यात्रा करते रहे। सरकार के विमान का उपयोग नहीं किया मिश्रा ने कहा कि जो विपन्नता से संपन्नता की ओर आ रहे हैं उन्हें तकलीफ क्यों हो रही है? यहां कांग्रेस के प्रवक्ता गण और नेता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर तो प्रतिक्रिया दे रहे हैं लेकिन विवेक तंखा के मामले में मौन साधे बैठे हैं। यही वह राजनीति है जो आने वाले समय में चर्चा का केंद्र बनेगी।

जब से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने आप को समर्थकों के माध्यम से भावी मुख्यमंत्री कहलवाना शुरू किया है कांग्रेस की राजनीति की गतिविधियों में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। सबसे पहले इस मामले में अरुण यादव की तरफ से प्रतिक्रिया आई थी। यादव ने कहा था मुख्यमंत्री कौन होता है, चुनाव के बाद विधायक दल की बैठक में तय होता है और हाईकमान उस पर निर्णय देता है। उससे पहले कोई भावी मुख्यमंत्री कैसे हो सकता है? अरुण यादव के बयान पर कमलनाथ के पक्ष से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके बाद बारी आई दिग्विजय समर्थकों में कद्दावर नेता अजय सिंह राहुल भैया की। राहुल भैया ने कमलनाथ के भावी मुख्यमंत्री होने के फरमान को खारिज कर दिया। वे भी अरुण यादव की तरह विधायक दल और हाईकमान के द्वारा निर्णय लिए जाने की बात कहते रहे। दोनों दिग्गज नेताओं के बयान के बाद प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल ने साफ कर दिया कि पार्टी ने अभी किसी को भावी मुख्यमंत्री के रूप में घोषित नहीं किया है। कांग्रेस के अंदर खाने में कमलनाथ को भावी मुख्यमंत्री बनाए जाने पर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। अब तो मुख्यमंत्री के तंज के बाद यह राजनीति लंबे समय तक गर्म रहने वाली है।

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