सूडान में आरएसएफ अभी तक सात दिन के युद्धविराम पर सहमत नहीं

काहिरा
 सूडान में अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) सात दिन के संघर्ष विराम पर अभी तक सहमत नहीं हुआ है। आरएसएफ नेता मोहम्मद हमदान दगालो के सलाहकार यूसुफ इज्ज़त ने यह जानकारी दी।
इससे पहले मंगलवार को दक्षिण सूडान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सूडानी सशस्त्र बलों और आरएसएफ के नेताओं ने 4 से 11 मई तक युद्धविराम पर सहमति जताई है।

बयान के अनुसार सूडान सेना के कमांडर इन चीफ जनरल अब्देल फतह अल बुरहान और दगालो ने बातचीत शुरू करने के लिए अपने प्रतिनिधियों का नाम देने पर सहमति व्यक्त की।

इज्ज़त ने अल अरबिया ब्रॉडकास्टर को बताया कि सात दिनों के युद्धविराम के लिए हमारे समझौते के बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। इस बिंदु पर, हम एक सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत नहीं हुए हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आरएसएफ युद्धविराम को अस्वीकार नहीं करता है और सूडान में आंतरिक संघर्ष को हल करने के उद्देश्य से सभी पहलों का स्वागत करता है। सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष में कम से कम 550 लोग मारे गए हैं और लगभग 5,000 घायल हुए हैं।

 

शौकरी और ब्लिंकन ने सूडान की स्थिति पर चर्चा की

 

मिस्र के विदेश मंत्री सामेह शौकरी ने अमेरिका के विदेश एंटनी ब्लिंकन के साथ सूडान की ताजा स्थिति पर चर्चा की है।

मिस्र के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने टेलीफोन पर बातचीत के दौरान सूडान में दीर्घकालिक एवं स्थायी संघर्ष विराम के प्रयासों पर बात की ताकि जरूरतमंदों तक मानवीय सहायता पहुंचायी जा सके।

श्री शौकरी ने संघर्ष विराम की स्थिरता सुनिश्चित करने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए बाहरी पक्षों के हस्तक्षेप से सूडान में संघर्ष को बढ़ावा नहीं देने के महत्व पर जोर दिया।

श्री ब्लिंकन ने हजारों सूडानी नागरिकों को अपने देश में आने की अनुमति देने के लिए मिस्र को धन्यवाद दिया तथा इस कार्य के लिए उसे आवश्यक सहायता देने की अमेरिका की तत्परता पर जोर दिया।

उल्लेखनीय है कि सूडान की राजधानी खार्तूम और देश के अन्य हिस्सों में सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के बीच 15 अप्रैल को लड़ाई छिड़ गई।

सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन संघर्षों में अब तक 500 से अधिक लोग मारे गए और 4,000 से अधिक अन्य घायल हुए हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button