शृंगार गौरी से संबंधित मामले में राजा भइया के पिता उदय प्रताप को मिली पावर ऑफ अटॉर्नी

वाराणसी

प्रतापगढ़ में भदरी स्टेट के पूर्व राजा और विधायक रघुराजप्रताप सिंह ‘राजा भइया’ के पिता 'बड़े राजा' उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि ज्ञानवापी केस के सभी पक्षकारों को साथ आना चाहिए। एक पक्ष के पैरोकार व विश्व वैदिक सनातन संघ के संस्थापक जितेंद्र सिंह बिसेन ने उन्हें पॉवर ऑफ अटॉर्नी दी है। इस पर उन्होंने कहा कि कोर्ट में पेशी के दौरान पैरवी के लिए मौजूद रहेंगे और हर संघर्ष में खड़े मिलेंगे। इस मामले में गिरफ्तारी से क्या डरना, मेरी जान भी हाजिर है। उदय प्रताप की मौजूदगी में विसेन ने कहा कि मैंने केस नंबर 18/22 (श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी केस) और केस नंबर 4/23 की पैरवी के लिए राजा उदय प्रताप सिंह को पावर ऑफ अटॉर्नी सौंप दी है।

वह गुरुवार शाम रथयात्रा स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि समाचार पत्रों में जितेंद्र सिंह बिसेन के ज्ञानवापी से जुड़े मुकदमा छोड़ने की बात पढ़ी तो चिंता हुई। इसलिए उन्होंने जितेंद्र सिंह का साथ देने का वादा किया। उन्होंने बताया कि दूसरे पक्ष के एक अधिवक्ता ने उनसे सम्पर्क किया है। अगर वह साथ आते हैं तो उनका स्वागत है। उन्होंने कहा कि इस मामले से कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ से कोई मतलब नहीं है। इस मौके पर मानबहादुर सिंह, रविशंकर लाल श्रीवास्तव, अनूप सिंह, अजय विक्रम सिंह, सुरेश श्रीवास्तव, अनुपम द्विवेदी समेत कई मंदिरों के महंत थे।

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