एक समय पूर्वांचल में बोलती थी तूती, अब मुख्‍तार-अफजाल जेल में, जानें परिवार के अन्‍य सदस्‍यों की कुंडली

गाजीपुर
किसी जमाने में जिस मुख्‍तार अंसारी की पूर्वांचल में तूती बोलती थी आज मुख्‍तार और उसके सांसद भाई अफजाल को सजा हो गई। बेटा अब्‍बास और बहू निखत पहले से जेल में हैं। इसके साथ ही छोटे बेटे उमर के खिलाफ एक अन्‍य मामले में गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। उमर और मुख्‍तार की पत्‍नी आफशां अंसारी लम्‍बे समय से फरार चल रही है। धीरे-धीरे मुख्‍तार के पूरे परिवार पर कानून का ऐसा शिकंजा कसा है कि उसके ज्‍यादातर सदस्‍यों के अगले कुछ साल जेल में ही कटने तय लग रहे हैं।

उमर को पिछले साल नवम्‍बर महीने में लखनऊ की जिला अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। तब उस पर हजरतगंज के जियामऊ इलाके में फर्जी दस्‍तावेजों के जरिए निष्‍क्रांत संपत्ति पर कब्‍जा कर अवैध ढंग से मकान का निर्माण कराने का आरोप लगा था। वह उस मामले में वांक्षित है। उमर ने इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी जिस पर सुनवाई के बाद अदा‍लत ने खारिज कर दिया था। उधर, मुख्‍तार अंसारी की पत्‍नी आफशां अंसारी के खिलाफ पुलिस लुकआउट नोटिस तक जारी करा चुकी है। आफशां पर 75 हजार रुपए का इनाम भी घोषित है। इसमें मऊ पुलिस की ओर से 25 हजार और गाजीपुर पुलिस की ओर से 50 हजार रुपए इनाम की घोषणा है। आफशां पर आरोप है कि अपने पति मुख्‍तार अंसारी के जेल जाने के बाद वही उसके साम्राज्‍य और गतिविधियों का संचालन करती है। आरोप है कि मुख्‍तार की पत्‍नी और उसके दोनों सालों की पार्टनरशिप में विकास कंस्‍ट्रक्‍शन के नाम से बनी फर्म द्वारा सरकारी और दलितों की जमीन पर कब्‍जा कर गोदाम का निर्माण कराया गया था। खुलासे के बाद प्रशासन ने गोदाम को कब्‍जे में ले दिया। मामले में मुख्‍तार की पत्‍नी आफशां और उसके दोनों भाइयों के खिलाफ गैगस्‍टर एक्‍ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। आफशां तभी से फरार चल रही है।

वहीं मऊ से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्‍बास अंसारी और उसकी पत्‍नी निखत पहले से अलग-अलग जेलों में बंद हैं। अब्‍बास 2022 के विधानसभा चुनाव में अचानक तब चर्चा में आए जब एक वीडियो में वह अधिकारियों को धमकाने जैसी बात करते वायरल हो गए। विधायक बनने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग केस में पिछले साल ही अब्‍बास की गिरफ्तारी ईडी ने की थी। इसके पहले ईडी ने अब्‍बास के खिलाफ भी उसकी मां आफशां अंसारी की तरह ही लुकआउट नोटिस जारी किया था। ईडी ने आशंका जताई थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए अब्‍बास और निखत विदेश भाग सकते हैं। तब मुख्‍तार के बड़े भाई और सांसद अफजाल अंसारी के दिल्‍ली के सरकारी आवास समेत गाजीपुर और मोहम्‍मदाबाद, मऊ और लखनऊ के कुछ इलाकों में छापेमारी की गई थी।

चित्रकूट जेल में पति से गुपचुप मिलते पकड़ी गई निखत
उधर, विधायक अब्‍बास अंसारी की पत्‍नी निखत अंसारी चित्रकूट जेल में उससे गुपचुप मुलाकात करते पकड़ी गई। चित्रकूट की पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्‍ला ने अचानक छापेमारी कर निखत को जेल जेलर कार्यालय के पास एक अलग कमरे में पकड़ा था। पता चला कि निखत रोज तीन से चार घंटे जेल में अपने पति के साथ बिताती थी। इस दौरान अब्‍बास निखत के मोबाइल का इस्‍तेमाल कर लोगों को धमकी देने का काम भी करता था। गिरफ्तारी के बाद निखत को जहां चित्रकूट जेल में ही रखा गया। वहीं अब्‍बास अंसारी कासगंज जेल शिफ्ट कर दिया गया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button