कोई गॉडफादर नहीं, फिर भी मैराथन की दौड़

कम संसाधन में हौसलों के पंखों से भरी उड़ान

विश्वनाथ सिंह, इटारसी। बहती लहरों के साथ तो कोई भी कर लेता है पर असली इंसान तो वह है जो लहरों को चीर कर आगे बढ़ता है। गुलाम फिल्म से मिली इस सीख के भरोसे इटारसी के नीलेश यादव ने हौसले की उड़ान भरी। 10 वर्ष बिस्तर पर व्यतीत करने वाले नीलेश को मैराथन के बेस्ट प्लेयर शैलेश कुमार से फेसबुक से जुड़ाव हुआ तो इसके हौसले को मानो पंख लग गए हो। सारी दिव्यांगता को बुलाकर नीलेश ने वर्ष 2017 में इनके सहयोग से चंडीगढ़ में 2 माह का प्रशिक्षण लिया। वर्ष 2008 मैं यह छत से गिरने पर एंजरी का शिकार हो गए थे। पहली बार व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट छत्तीसगढ़ में इसने बतौर खिलाड़ी अपनी किस्मत को आजमाया। इसमें मध्य प्रदेश टीम को दूसरा स्थान मिला तो यहीं से नीलेश के हौसले के अरमानों को पंख लग गए। बस फिर क्या था, वर्ष 2019 एवं वर्ष 2020 में 10 किलोमीटर चेन्नई मैराथन में हिस्सा लिया। वर्ष 2021 में हाफ मैराथन 21 किलोमीटर में सफलता के झंडे गाड़ कर इटारसी का नाम रोशन कर दिया। 42 किलोमीटर की फुल मैराथन में प्रतिभाग करने को इन्हें किसी गॉडफादर की आवश्यकता महसूस हो रही है। संसाधनों की तंगी के बावजूद यह 15 दिसंबर को छतरपुर में संभागीय व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने अपनी  टीम ले जा रहे हैं। इसके बाद नीलेश ने दिव्यांगों को खेल क्षेत्र में लाने के प्रयास शुरू कर दिए। बंगाली कॉलोनी के निवासी शेख हसन, जो इनका मित्र था उसकी हौसला अफजाई कर इन्होंने उसे चेन्नई मैराथन तक पहुंचाया। वर्ष 2005 में शेख हसन छत से गिरकर एंजरी के शिकार हो गए थे। वर्ष 2019 एवं 2020 में चेन्नई मैराथन के अलावा यह फैशन शो, व्हीलचेयर क्रिकेट नेशनल टूर्नामेंट में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। शॉट पुट जालंधर में इनकी प्रतिभा को खूब वाहवाही मिली थी।  मैराथन, गोला फेक, फैशन शो, कबड्डी, व्हीलचेयर क्रिकेट में  9 सदस्य कि इस टीम को सरकारी सुविधाओं की दरकार है। 4 से 8 दिसंबर 2022 को नेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने नीलेश यादव भोपाल जा रहे है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग पुनर्वास केंद्र भी इनके लिए बेमतलब साबित हो रहा है।

नीलेश ने बनाई 9 दिव्यांगों की टीम

 निलेश ने अब तक कुल 9 दिव्यांग खिलाड़ियों को न केवल खेल कला में पारंगत किया बल्कि उन्हें संभाग स्तरीय से नेशनल तक पहुंचाया। बंगाली कॉलोनी निवासी शेख हसन, सोना सावरी के विनीत यादव, नया गांव के बाबूलाल यादव, पुरानी इटारसी के सुभाष डोंगरे, इटारसी निवासी रोहित सराठे, डेनीपाल मधु, कैलाश बारीवार, सुनील मेहरा आदि की प्रतिभाओं को निखार कर इटारसी का नाम रोशन किया।

हाथ नहीं, तीन बार इटारसी से साइकिल से की वैष्णो यात्रा

एक हाथ से क्रिकेट में बैटिंग एवं बॉलिंग में ऑलराउंडर विनीत यादव ने इटारसी से वैष्णो देवी की यात्रा तीन बार पूरी कर चुके हैं। वर्ष 2004,  2007 एवं 2013 में यह वैष्णो यात्रा कर चुके हैं। 13 वर्ष की आयु में ट्रैक्टर एक्सीडेंट में यह साथ गवा चुके थे। राज्य स्तरीय कबड्डी टीम लेकर या सोनीपत तक अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। 13 नवंबर 2022 को यह टीटी नगर भोपाल में आयोजित शॉट पुट में यह विजेता भी रहे।

खुद व्यवस्था करते हैं संसाधन, नहीं मिलती कोई सरकारी सुविधा

समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से निशुल्क ट्राई साइकिल पाने की तलाश इन्हें हमेशा रहती है। नो लोगों मैं मात्र नीलेश और शेख हसन ही एंजरी ग्रस्त है। पोलियो ग्रस्त को संस्था स्पोर्ट्स व्हीलचेयर देने से इंकार कर देती है। लेदर बॉल, पैड, हेलमेट, बैट आदि संसाधन की कोई सरकारी सुविधाएं इन्हें नहीं मिलती है। मैच खेलने के लिए इन्हें अन्य स्थानों पर  अपने ही खर्चे से जाना पड़ रहा है। कोई भी संस्था या एकेडमी का सहयोग भी मयस्सर नहीं है।

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