नक्‍सलियों ने मुखबिरी के शक में ग्रामीण को उतारा मौत के घाट

कांकेर
छत्‍तीसगढ़ के कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित कोयलीबेड़ा क्षेत्र के जामुड़ा गांव के 26 जून को जंगल में मिले ग्रामीण के शव मामले में नक्सलियों ने बैनर लगाकर बयान जारी किया है।

नक्सलियों ने ली ग्रामीण की हत्या की जिम्मेदारी

नक्सलियों द्वारा लगाए बैनर में ग्रामीण की हत्या करने की बात स्वीकार करते हुए हत्या की जिम्मेदारी ली है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में बैनर पोस्टर लगाए है। गौरतलब हो कि 26 जून की सुबह जुंगड़ा निवासी 33 वर्षीय सनकू राम गोटा का शव जंगल में मिला था। सनकू की हत्या गला घोंटकर हत्या की गई थी।

मृतक के स्वजनों ने पुलिस को बताया था कि रात में कुछ अज्ञात लोग घर में घुस आए और सनकू को अगवा कर ले गए थे और दूसरे दिन सुबह उसका शव जंगल में मिला था। गला दबाकर की गई हत्या को देखते हुए पुलिस ने इस मामले को आपसी रंजिश में की गई हत्या मानकर अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच में जुटी हुई थी।

इसी बीच नक्सलियों की रावघाट एरिया कमेटी ने बैनर लगाकर सनकू राम को पुलिस का मुखबिर बताते हुए हत्या करने की जिम्मेदारी ली है। नक्सलियों ने सनकू राम पर कोयलीबेड़ा थाना में नक्सलियों की मूवमेंट के बारे में मुखबिरी करने का आरोप लगाया है। अंतागढ़ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खोमन सिन्हा ने बताया कि नक्सलियों के द्वारा बैनर लगाया गया था जिसे पुलिस के द्वारा जब्त कर लिया गया है।

21 जून को नक्सलियों ने अपने ही साथी की थी हत्या

नक्सलियों ने 21 जून को अपने ही साथी को मौत के घाट उतारा था। नक्सलियों ने अपने साथी मानू दुग्गा की जनअदालत में गोली मारकर हत्या कर दी थी। नक्सली मानू दुग्गा पर संगठन की महिलाओं से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए गोली मार दी थी। नक्सली मानू दुग्गा पर 5 लाख का इनाम घोषित था।

 

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