ईरान ने ओमान के पास तेल टैंकर जब्त किया, चालक दल के सभी 24 सदस्य भारतीय

दुबई
 ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी व्यापक तनाव के बीच ईरानी नौसेना ने  अमेरिका की ओर जा रहे मार्शल द्वीप समूह के झंडे वाले एक तेल टैंकर को ओमान की खाड़ी में जब्त कर लिया। इस तेल टैंकर के चालक दल के सभी 24 सदस्य भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं।

अमेरिकी नौसेना के पश्चिम एशिया स्थित पांचवें बेड़े ने ईरान द्वारा जब्त किए गए तेल टैंकर की पहचान ‘एडवांटेज स्वीट’ के रूप में की है।

‘मरीन ट्रैफिक डॉट कॉम’ के उपग्रह ‘ट्रैकिंग डेटा’ के अनुसार, यह तेल टैंकर बृहस्पतिवार दोपहर ओमान की राजधानी मस्कट के उत्तर में ओमान की खाड़ी में था। कुवैत से आए इस तेल टैंकर को अमेरिका के ह्यूस्टन जाना था।

अमेरिकी नौसेना के मुताबिक, ‘एडवांटेज स्वीट’ ने दोपहर करीब सवा एक बजे उस समय खुद के संकट में होने की सूचना दी, जब वह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था और ईरानी नौसेना ने उसे वहां रोक लिया था।

अमेरिकी नौसेना के पश्चिम एशिया स्थित पांचवें बेड़े ने एक बयान में कहा, ‘‘ईरान की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत है और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए विघटनकारी है। ईरान को तुरंत ही टैंकर को छोड़ देना चाहिए।’’

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ के मुताबिक, ‘‘बृहस्पतिवार रात एक अज्ञात नौका फारस की खाड़ी में एक ईरानी जहाज से टकरा गई, जिसके कारण ईरानी चालक दल के कई सदस्य लापता हो गए और कई घायल हो गए।’’

एजेंसी ने इस कथित टक्कर में शामिल दूसरे जहाज की पहचान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।

‘एडवांटेज टैंकर’ का प्रबंधन तुर्किये की एक कंपनी करती है। कंपनी ने एक बयान जारी कर जानकारी दी, ‘‘ईरानी नौसेना द्वारा इस तेल टैंकर को एक अंतरराष्ट्रीय विवाद के कारण ओमान की खाड़ी में जब्त करने के बाद एक बंदरगाह की तरफ ले जाया जा रहा है।’’

बयान के अनुसार, नौका पर सवार चालक दल के सभी 24 सदस्य भारतीय हैं।

कंपनी ने कहा, ‘‘हमारे चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। पहले हुई इस तरह की घटनाओं से प्रतीत होता है कि ऐसी परिस्थितियों में नौकाओं के चालक दल के सदस्यों को कोई खतरा नहीं होता।’’

इस नौका की मालिक एक चीनी कंपनी बताई जा रही है।

अमेरिका ने उसके नागरिकों को हिरासत में लेने पर रूसी, ईरानी संगठनों पर प्रतिबंध लगाए

 अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने  रूस की संघीय सुरक्षा सेवा और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के खुफिया संगठन पर अमेरिकियों को गलत तरीके से हिरासत में लेने का आरोप लगाते हुए उन पर प्रतिबंध लगाए।

ये प्रतिबंध राष्ट्रपति बाइडन द्वारा अमेरिकियों को अनुचित रूप से हिरासत में रखने वालों के खिलाफ पिछले साल तैयार किए गए नए प्रतिबंधों के तहत की गई पहली कवायद हैं।

बाइडन ने एक लिखित बयान में कहा, ‘‘आज और हर एक दिन हमारा रूस, ईरान और पूरी दुनिया को यही संदेश है कि अमेरिकियों को गैरकानूनी तरीके से बंदी बनाना बर्दाशत नहीं किया जाएगा। उन्हें तुरंत रिहा करें।’’

प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बताने से इनकार कर दिया कि किस मामले में ये प्रतिबंध लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध वर्तमान तथा अतीत दोनों में अमेरिकियों को अन्यायपूर्ण तरीके से पकड़ने में दोनों देशों द्वारा की गई कार्रवाइयों का जवाब हैं।

अमेरिका के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ईरान के अधिकारी अक्सर तेहरान में एविन जेल में बंदियों को पकड़ते हैं और पूछताछ करते हैं और ‘‘विरोध प्रदर्शनों के दमन और असंतुष्टों तथा दोहरी नागरिकता वालों को गिरफ्तार करने में प्रत्यक्ष भूमिका निभाते हैं।’’

 

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