भारतीय-अमेरिकी देव शाह ने 2023 का ‘स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी’ खिताब जीता

वाशिंगटन
भारतीय-अमेरिकी देव शाह ने 'सैमोफाइल' शब्द का सही हिज्जे (स्पेलिंग) बताकर वर्ष 2023 का 'स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी' खिताब अपने नाम कर लिया।

फ्लोरिडा के लार्गो शहर के निवासी शाह (14) आठवीं कक्षा के छात्र हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार को इस खिताब के साथ 50 हजार अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि भी जीती।

मैरीलैंड के नेशनल हार्बर में आयोजित प्रतियोगिता में शाह ने कहा, ''यह अद्भुत है… मेरे पैर अभी भी कांप रहे हैं।''

समाचार पत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' की खबर के अनुसार, शाह ने 'सैमोफाइल' का सही हिज्जे बताकर इस प्रतियोगिता में जीत दर्ज की। 'सैमोफाइल' रेतीले क्षेत्रों में पाए जाने वाले पौधे या जानवर होते हैं।

समाचार पत्र 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की खबर के अनुसार, शाह तुरंत ही इस शब्द को पहचान गए थे, लेकिन फिर भी पूरी तरह से संतुष्ट होने के लिए उन्होंने इससे जुड़े कुछ सवाल पूछे। उन्होंने पूछा, ''ग्रीक में सैमो का मतलब रेत है?'' और ''फाइल का मतलब प्यार है?''

शाह ने तीसरी बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इससे पहले, वह 2019 और 2021 में इस प्रतियोगिता में शामिल हो चुके हैं। मालूम हो कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण 2020 में इस प्रतियोगिता का आयोजन नहीं किया गया था।

शाह की जीत के बाद उनके माता-पिता बेहद भावुक नजर आए। उनकी मां ने कहा कि वह पिछले चार साल से इसके लिए मेहनत कर रहा था।

प्रारंभिक दौर की प्रतियोगिता मंगलवार को आयोजित की गई, जबकि क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल बुधवार को हुए।

वर्जीनिया के अर्लिंगटन की रहने वाली शैर्लट वॉल्श (14) इस प्रतियोगिता में उपविजेता रहीं।

'स्पेलिंग बी' में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के छात्र हिस्सा लेते हैं। यह शब्दों के सही हिज्जे बताने से जुड़ी प्रतियोगिता है। 'नेशनल स्पेलिंग बी' प्रतियोगिता की शुरुआत 1925 में की गई थी।

मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की

पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी तहव्वुर हुसैन राणा ने अमेरिकी अदालत द्वारा हाल ही में पारित उस आदेश को चुनौती देते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है, जिसके तहत उसके भारत प्रत्यर्पण का मार्ग प्रशस्त हुआ था।

यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया ने 26/11 के मुंबई हमले के आरोपी राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी।

राणा पर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में संलिप्तता का आरोप है, जिसे लेकर भारत में उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा है।

राणा (62) ने अपने वकील के जरिये बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका दायर करते हुए भारत सरकार द्वारा उसके प्रत्यर्पण को चुनौती दी है।

उसके वकील ने तर्क दिया कि राणा का प्रत्यर्पण अमेरिका-भारत प्रत्यर्पण संधि का दो तरह से उल्लंघन होगा।

गौरतलब है कि भारत ने 10 जून 2020 को प्रत्यर्पण के लिए राणा की अस्थायी गिरफ्तारी की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने राणा के भारत प्रत्यर्पण का समर्थन किया था और उसे मंजूरी दी थी। इसके बाद, उसे गिरफ्तार किया गया था।

राणा अभी लॉस एंजिलिस के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है।

भारत में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) पाकिस्तान आधारित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा 26 नवंबर 2008 को मुंबई में किए गए हमलों में राणा की भूमिका की जांच कर रहा है। इन हमलों के दौरान अजमल कसाब नामक आतंकवादी जिंदा पकड़ा गया था, जिसे 21 नवंबर 2012 को भारत में फांसी की सजा दी गई। बाकी आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने हमलों के दौरान ढेर कर दिया था।

मुंबई आतंकवादी हमलों में छह अमेरिकी नागरिक सहित कुल 166 लोगों की जान गई थी।

 

 

 

 

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