यूपी की सामूहिक विवाह योजना में हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा, गाजियाबाद जिले में भी 200 मामले उजागर

यूपी
उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों की बेटियों की लिए शुरू की गई शादी योजना में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। बुलंदशहर, हापुड़ समेत कई जिलों में कई मामले सामने आ रहे हैं। गाजियाबाद जिले में 200 से अधिक जोड़ों के पिछले वर्ष हुए सामूहिक विवाह में यह फर्जीवाड़ा सामने आया है।

बुलंदशहर में तो सीडीओ के आदेश पर कराई गई 21 जोड़ों की जांच में से सात मामले फर्जी मिले हैं। इनमें कई विधवा महिलाएं हैं, जिनका योजना में विवाह करा दिया और विभाग से 75 हजार रुपये का अनुदान ले लिया है। वहीं नौ जोड़े ऐसे मिले हैं, जो संदिग्ध हैं और यह अपात्रता की श्रेणी में हैं। हापुड़ में जन शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा की गई जांच में भी फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है।

श्रम विभाग द्वारा गरीब बेटियों के विवाह के लिए शादी अनुदान योजना शुरू की गई है। गत वर्ष गाजियाबाद जिले में 200 से अधिक जोड़ों के विवाह कराए गए थे। जांच में सामने आया कि बुलंदशहर में कुछ लोगों ने मिलीभगत कर श्रम विभाग में पहले भट्ठा मजदूर में पंजीकरण कराया गया और फिर फर्जी प्रमाण पत्रों पर इनके विवाह करा दिए। जिलाधिकारी हापुड़ ने बताया कि जांच रिपोर्ट में कुछ मामले ऐसे चिन्हित हैं जिनको गलत ढंग से सामूहिक विवाह योजना का लाभ दिलाया गया।

2.25 लाख रुपये की रिकवरी
श्रम विभाग को गत दिनों हापुड़ के भर्रा गांव के चार लोगों को फर्जी शादी कराने में नोटिस देकर रिकवरी की है। गांव निवासी सर्वेश, दयाचंद, किरण देवी व जानकी को नोटिस दिए थे। जांच में उक्त चारों लाभार्थियों की बेटियों की अभी तक शादी नहीं हुई हुई और फर्जी दूल्हे तैयार कर इनकी शादी करा दी है। एक लाभाथी के तो बेटी ही नहीं है, मगर उसने शादी योजना का लाभ लिया है। 2.25 लाख की रिकवरी इनसे हुई है।

– कुलदीप मीना (सीडीओ) ने कहा, ''सात जोड़े जांच में फर्जी मिले हैं। नौ जोड़े संदिग्ध हैं और यह अपात्रता की श्रेणी में आ रहे हैं। उक्त सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे। अपात्रों से रिकवरी होगी, शासन स्तर से भी इसमें जांच चल रही है।''

 

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