विपक्षी एकता वाली बैठक में नहीं मिली बदरुद्दीन अजमल को एंट्री, कांग्रेस बोली- नहीं है भरोसा

नई दिल्ली

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस की असम इकाई के नेतृत्व में 11 राजनीतिक दलों की एक बैठक गुरुवार को गुवाहाटी में हुई। इस बैठक में कांग्रेस ने समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों को 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए साथ आने का आह्वान किया। हालांकि, इस बैठक का न्योता  इत्र कारोबारी बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) को नहीं भेजा गया।

बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और 10 अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सूत्रों के मुताबिक, अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने को लेकर व्यापक चर्चा हुई।  बैठक में एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह और असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा भी मौजूद थे।

असम कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "बैठक में कुल 11 राजनीतिक दलों को शामिल किया गया। कांग्रेस के अलावा, जेडीयू, एनसीपी, रायजोर दल, आरजेडी, टीएमसी, असम जातीय परिषद, भाकपा, माकपा, भाकपा (एमएल) सहित अन्य दल शामिल थे। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई और कुछ निर्णय भी लिए गए।" उन्होंने आगे कहा, "बैठक में 11 राजनीतिक दलों की एक समन्वय समिति का गठन किया गया। इसका नेतृत्व एपीसीसी अध्यक्ष करेंगे। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी को धूल चटाने के बाद सभी दल गुवाहाटी में एक बड़ी सार्वजनिक रैली के लिए एक साथ आएंगे।"

उन्होंने यह भी कहा कि सभी 11 दलों ने एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन नहीं करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, "एआईयूडीएफ सबसे अविश्वसनीय राजनीतिक दल है। इसलिए भविष्य में हम एआईयूडीएफ के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।"

 

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