‘मूर्खतापूर्ण’ बातें इससे पहले भी करते रहे हैं ‘अमर्त्य सेन’

यदि भारतीय संविधान के अनुसार प्रत्येक नागरिक के लिए समान कानून व्यवस्था लागू हो जाती है तब बुराई क्या है? यूसीसी लागू होने से भारत में हिंदू राष्ट्र की अवधारणा निर्मित हो जाएगी यह विचार मूर्खतापूर्ण और शरारत से भरा हुआ ही हो सकता है। समान नागरिक संहिता भारतीय विचारों के अनुकूल है। समानता की बात भी वहीं होती है जहां समानतावादी विचारधारा प्रचलन में है या प्रभाव में है। वहीं पर ही लोकतंत्र भी जीवित रहता है।

सुरेश शर्मा, भोपाल। यदि भारतीय संविधान के अनुसार प्रत्येक नागरिक के लिए समान कानून व्यवस्था लागू हो जाती है तब बुराई क्या है? यूसीसी लागू होने से भारत में हिंदू राष्ट्र की अवधारणा निर्मित हो जाएगी यह विचार मूर्खतापूर्ण और शरारत से भरा हुआ ही हो सकता है। समान नागरिक संहिता भारतीय विचारों के अनुकूल है। समानता की बात भी वहीं होती है जहां समानतावादी विचारधारा प्रचलन में है या प्रभाव में है। वहीं पर ही लोकतंत्र भी जीवित रहता है। जिस भूखंड में इस्लामिक बहुलता हो जाती है वहां हिंसा का प्रकोप तेजी से बढ़ता है। फ्रांस तो ऐसा उदाहरण है जहां इस्लाम को मानने वालों की संख्या महज 9 प्रतिशत है फिर भी फ्रांस जल रहा है। इन दिनों नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमत्र्य सेन का एक बयान सुर्खियां बटोर रहा है। वैसे भी अमर्त्य सेन को इस प्रकार के मूर्खतापूर्ण बयान देने की आदत बनी हुई है। उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था, महंगाई और मोदी सरकार की कार्यप्रणाली की अनेक अवसरों पर आलोचना की है लेकिन उन्होंने जिस प्रकार के तर्क दिए, तथ्य और परिणाम बताए थे वे कभी उस अनुरूप नहीं हुए। विदेशों में उपकृत भारत की व्यवस्थाओं को विदेशी लाभ के लिए मार्गदर्शन करने वाले यह तत्व भारत के मूल सिद्धांतों से विपरीत सोचते हैं। कई बार तो लगता है ये लोग इन सिद्धांतों को समझते भी हैं या नहीं?

यूसीसी यदि लागू होती है तो इससे हिंदू राष्ट्र की अवधारणा फलीभूत होगी ऐसा सोचना समझदारी पूर्ण कार्य नहीं हो सकता। यदि ऐसा होता तो संविधान निर्माता इसे लागू करने संबंधित सुझाव नहीं देते? भारत का सर्वोच्च न्यायालय भी अनेक अवसरों पर यूसीसी लागू करने का सुझाव दे चुका है। ऐसे में राजनीतिक ज्ञान नहीं रखने वाले एक अर्थशास्त्री द्वारा यूसीसी को अनुपयोगी तक करार दे देना अजीब प्रतीत होता है। विदेशी व्यवस्थाओं के कारण मानसिक रूप से गुलाम हुए इस प्रकार के लोग न तो भारतीय संस्कारों को समझते हैं और ना ही मान्य परंपराओं को। उनके विचार हिंदू विरोध के कारण कुंद जैसे हो गए हैं। मोदी सरकार की आलोचना करना इन विदेशों में पले बढ़े सुविधा प्राप्त कर रहे तथाकथित अर्थशास्त्रियों का एजेंडा बन गए हैं। तीन प्रमुख अर्थशास्त्री भारत की अर्थव्यवस्था में लगातार गिरावट देख रहे हैं। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री रह चुके हैं इसलिए अधिक मुखर नहीं हैं। रघुराम राजन और तीसरे हैं अमर्त्य सेन। इसके बाद भी भारतीय अर्थव्यस्था विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था बन गई है।

अमर्त्य सेन के विचारों में भारतीय विचारों का विरोध और अन्य पंथों के प्रति समर्थन का भाव है। उन्होंने गुलाम मानसिकता वाला बयान दिया है। समान नागरिक संहिता से देश में कानूनी भेदभाव समाप्त होगा और देश में मानवीय एकरूपता आयेगी। जेंडर भेदभाव समाप्त होगा। संभावतया ये अर्थव्यस्था की शिक्षा में नहीं पढ़ाया गया होगा। विदेशों के लिए हथियार का काम करने वाले इस प्रकार के लोग अपने कथित बौद्धिक होने का दुरूपयोग करते हैं। भारत का जनमत इस दिशा में बढ़ रहा है। जनसंघ की स्थापना के समय ये यह विषय एजेंडे में रहा है। संविधान में इसका उल्लेख है और सर्वोच्च न्यायालय भी अनुमति देता है। तब अमत्र्य सेन के बयान का कोई मतलब नहीं रह जाता है।

इन दिनों समझने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा को दो बार से लोकसभा में स्पष्ट बहुमत देकर जनता का जनादेश मिला है। उन्होंने अपने उसी एजेंडे को पूरा करने का प्रयास किया है जिसको वे अपने घोषणा पत्र में रखते आये हैं। भाजपा की अपनी विचारधारा है। उसी विचारधारा को जनादेश मिला है। तब भारतीय विचार के लिए कानूनों की अनुकूलता भी उन्हीं का काम है। देश में ऐसे दर्जनों कानून हैं जो बहुसंख्यक समाज के लिए घातक हैं। चाहे मंदिरों के अधिगृहण का अधिकार हो या फिर तलाक जैसे मामले में हिन्दू महिलाओं को शामिल करना हो। जो मान्य परम्पराओं के आधार पर अनुचित हैं। इसलिए सरकार को अपने हिसाब से कानून बनाने का अधिकार है। जिस कानून से समूचे देश का भला होता है वह कानून तो बनना ही चाहिए। यही बात विदेशी समर्थकों को पंसद नहीं आ रही हैं और इस प्रकार के मूर्खतापूर्ण बयान दे बैठते हैं?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button