तालाबों में पहले से चिन्हित अतिक्रमण तो हटाए नहीं और अब नए सिरे से गूगल मैपिंग

कलेक्टर ने तालाब के साथ नालों के अतिक्रमण की भी जांच के दिए निर्देश

शिखर वाणी, भोपाल। राजधानी की लाइफ लाइन कहा जाने वाला बड़ा तालाब में अतिक्रमण हटाने के नाम पर हर बार सिर्फ सर्वे होता है। जब अतिक्रमण हटाने की बारी आती है तो मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। वर्ष 2016 में तालाब के किनारे अतिक्रमण का पता लगाने और तालाब की हद जानने के लिए जीपीएस से गूगल मैपिंग कराई गई थी। तब टीम को संत हिरदाराम नगर क्षेत्र के बोरवन, बहेटा, खानूगांव, इंदौर रोड आदि क्षेत्र तक जांच की थी। इस दौरान एक अस्पताल के अंदर एक से लेकर 16 नंबर तक मुनारें गायब मिली थी।

टीम ने खानूगांव में 46 अवैध अतिक्रमणों को चिह्नित किया था। इसे हटाने के लिए टीमें भी बनी थीं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई थी। अब एक बार फिर कलेक्टर अशीष सिंह ने शहर के सभी तालाबों का गूगल मैप से सर्वे कराने का फैसला किया है। कहा गया है कि बड़ा तालाब सहित अन्य तालाबों के आसपास हुए अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे। इसके पहले गूगल मैपिंग होगी ताकि मौजूदा स्थिति का पता चल सके। इसके साथ ही शहर के सभी नालों के आसपास के अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे। बड़ा सवाल ये है कि पूर्व में हुए सर्वे में सामने आया था कि तालाब के केचमेंट सहित 50 मीटर दूर पर 1300 लगभग अतिक्रमण हैं। लेकिन कार्रवाई छोड़ फिर सर्वे का क्या औचित्य। तालाब की निगरानी का जि मा नगर निगम की झील संरक्षण प्राधिकरण के पास है। वहीं तालाब के किनारे जमीन सरकारी है, लिहाजा नजूल को अतिक्रमण की स्थिति पता है। लेकिन फिर भी ठोस कार्रवाई की जगह सर्वे कराया जा रहा है।

एक किमी दूर है तीन तालाब, जहां दो में अतिक्रमण: खासबात ये है कि कलेक्ट्रेट कार्यालय से महज एक किमी दूर पर तीन तालाब हैं। जिनमें से मुंशी हुसैन खां और सिद्दीक हसन खां का तालाब पर बड़ी सं या में अतिक्रमण है। तालाब से लगकर पक्के निर्माण किए गए हैं। लेकिन इसे नहीं हटाया गया। जबकि एनजीटी भी इन दोनों तालाबों के अतिक्रमण को हटाने की आदेश पूर्व में दे चुका है।
न्यूमार्केट में नहीं खत्म हो रही अतिक्रमण की समस्या : लंबे समय बाद नगर निगम द्वारा न्यू मार्केट में बने तीनों नए कॉ प्लेक्स के कॉरिडोर पर हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंचा। कार्रवाई शुरू होते ही कॉ प्लेक्स के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। तीनों कॉ प्लेक्स में ग्राउंड लोर पर कुल मिलाकर 115 दुकानें हैं। ज्यादातर ने शटर के बाहर भी सामान रखने के लिए लोहे के स्ट्रक्चर बना रखे हैं। निगम प्रशासन लगातार चेतावनी देते आ रहा है कि व्यापारी खुद अतिक्रमण हटा लें नहीं तो निगम कार्रवाई करेगा। इसके बाद जोनल अधिकारी अर्जुन मेघानी ने व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया। लेकिन किसी ने अतिक्रमण नहीं हटाया। आखिरकार कार्रवाई शुरू की।

व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष संजय वलेचा ने कहा कि तीनों कॉ प्लेक्स में दुकानें छोटी हैं। मार्केट के अन्य कॉम्प्लेक्स में भी पीली लाइन बनाकर 6 फीट जगह दी गई है। इन्हें भी दी जानी चाहिए। इधर रातीबड़ इलाके में जिस जमीन का दो महीने पहले विधायक रामेश्वर शर्मा ने सामुदायिक भवन का भूमि पूजन किया था, उस पर एक बदमाश ने मकान तान दिया। विधायक के निर्देश पर प्रशासन की टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर मकान गिरा दिया।

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