पीएम व मंत्रियों तक पहुंच बताकर बड़े बिल्डर और व्यापारियों से 100 करोड़ हड़पे, हाईप्रोफाइल ठग संजय अरेस्ट

कानपुर

प्रधानमंत्री व केन्द्र सरकार के कई कद्दावर मंत्रियों तक अपनी पहुंच बताकर बड़े उद्यमियों, बिल्डर व व्यापारियों से 100 करोड़ से अधिक की रकम हाईप्रोफाइल जालसाज संजय प्रकाश राय हड़प चुका है। फेसबुक व टि्वटर एकाउंट पर वह खुद को कई कम्पनियों का डायरेक्टर और कई मंत्रियों का करीबी बताता था। इस पर कई लोग उसके झांसे में आकर रकम गवां बैठे। संजय प्रकाश राय उर्फ संजय शेरपुरिया ने फर्जी दस्तावेजों से कई कम्पनियां बना रखी है और इन संस्थाओं के खाते में ही उसके झांसे में फंसे लोगों से रुपये जमा करवाये।

कानपुर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात को पकड़े गए जालसाज संजय प्रकाश राय ने एसटीएफ के सामने ये खुलासे किये। इस मामले में एसटीएफ के इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने एफआईआर दर्ज करायी है। उसके पास अलग-अलग नाम से दो आधार कार्ड व फर्जी पते के वोटर कार्ड व महंगे मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।

ट्रेन से दिल्ली से गाजीपुर जाते समय कानपुर में पकड़ा गया
एसटीएफ के एडीजी अमिताथ यश ने बताया कि संजय प्रकाश राय मूल रूप से दिल्ली के सफदरगंज रोड का रहने वाला है। वह पहले कांडला एनर्जी एंड केमिकल लि. कम्पनी का डायरेक्टर रहा है। इस कम्पनी के बैंक की ओर से डिफाल्टर घोषित हो जाने पर वह गाजीपुर जिले में रहने लगा था। संजय ने अलग-अलग नाम से कई आईडी बना रखी है। इस फर्जी आईडी से ही कई कम्पनियां भी उसने खोल ली थी। इसमें उसने डमी डायरेक्टर व अपने विश्वासपात्र लोगों को डायरेक्टर बनाया था। एसटीएफ से कई नेताओं व व्यापारियों ने संजय प्रकाश राय की धोखाधड़ी की शिकायत एलआईयू ने की थी। इस पर जांच शुरू हुई थी। जांच में कई तथ्य सही मिलने पर उसे मंगलवार को कानपुर रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से गाजीपुर जाते समय पकड़ लिया गया। वह सुहेलदेव एक्सप्रेस से कानपुर पहुंचा था।

सोशल मीडिया पर पीएम व अन्य मंत्रियों के साथ फोटो वायरल की
जालसाज संजय प्रकाश राय की सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री, डिप्टी सीएम केशव मौर्य, कई अन्य मंत्रियों के साथ फोटो वायरल है। वह खुद ही फेसबुक व टि्वटर एकाउंट पर मिक्सिंग कर अपनी फोटो बड़ी हस्तियों के साथ डालता रहता है। उसने एसटीएफ अफसरों के सामने कुबूला कि ऐसा करने से लोग उसके झांसे में आकर आसानी से किसी भी काम के लिये बड़ी रकम दे देते हैं।

यूथ रूरल फाउण्डेशन बनाकर करोड़ों वसूले
एसटीएफ के इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने बताया कि संजय प्रकाश राय ने यूथ रूरल एन्ट्रीप्रीनियूर फाउण्डेशन नाम से कम्पनी रजिस्टर्ड कराई। इसमें डमी डायरेक्टर दिखाये गये। इस कम्पनी में संजय ने कोई पद नहीं लिया था लेकिन सोशल मीडिया पर वह खुद को इस कम्पनी का मुख्य कर्ताधर्ता बताता था। इसमें खुद को सामाजिक कार्यकर्ता दिखाकर अपनी पहुंच कई बड़ी हस्तियों से होने का दावा करता रहता था। शिकायत पर जब जांच शुरू हुई थी तो बैंक खातों में करोड़ों रुपये मिले। इस पर संजय को पकड़ने के लिये अफसरों ने आदेश दिये गये थे।

दो आधार कार्ड संजय व एक पत्नी के नाम का मिला
इंस्पेक्टर सचिन कुमार के मुताबिक ट्रेन से उतरते समय जब संजय को हिरासत में लिया गया तो उसके पास तीन आधार कार्ड व एक वोटर कार्ड मिला। दो आधार कार्ड पर आरोपित की फोटो लगी थी। इनमें नम्बर अलग-अलग थे। एक आधार कार्ड पर संजय प्रकाश बालेश्वर राय, पता गुरुग्राम, हरियाणा तो दूसरे पर संजय शेरपुरिया, पता सेन्ट्रल दिल्ली लिखा हुआ था। वोटर कार्ड पर संजय प्रकाश राय, पता मोहम्मदाबाद, गाजीपुर और दूसरे वोटर कार्ड पर कंचन संजय प्रकाश राय पत्नी संजय प्रकाश राय लिखा हुआ था। इसके अलावा तीन मेम्बरशिप कार्ड भी मिले। दिल्ली के डीसीपी की ओर से जारी मूवमेंट पास भी पर्स में था।

 

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