शिवराज सरकार का मैराथन मंथन

नई दिल्ली (विशेष प्रतिनिधि)। नव वर्ष की ताजगी के साथ मध्यप्रदेश की सरकार नये साल का विजन तैयार हो रहा है। विभागवार मंथन में केवल अमृत ही निकलेगा ऐसा नहीं है कहीं से विष भी सामने आ सकता है। अधिकारियों को परिणाम मूलक और मंत्रियों को विजन के साथ साल भर काम करने का निर्देश शिवराज सिंह चौहान की ओर से दिया जा रहा है। कुछ विभागों को समझाईश देने की जरूरत दिखाई दी है। यह माना जा रहा है कि इस मंथन के बाद जो भी परिणाम सामने आयेगा वह मंत्री मंडल विस्तार या विभाग बदलने का रास्ता खोलेगा। यह मंथन पूरा होने के बाद संगठन के साथ चर्चा करके मुख्यमंत्री नई सरकार को ताना-बाना बुन लेंगे और उसे अगले चुनाव के लिए तैयार किया जायेगा। संगठन भी अपने स्तर पर सभी संभावनाओं को टटोल रहा है।

3 से सात जनवरी तक सभी विभागों की समीक्षा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करने जा रहे हैं। तीसरे दिन तक जो बात सामने आई है उससे यह लगता है कि नये वर्ष के लिए कलेन्डर तैयार करने के विभागवार विकास की योजना बनाई जा रही हैं। इसके अनुसार बजट भी तैयार किया जायेगा और उससे विभागों को अधिक ताकतवर रूप से सामने करके जनता की सेवा की जायेगी। यह एक पक्ष है। लेकिन साथ में अधिकारियों पर लगाम लगाने का माध्यम भी यह समीक्षा होने जा रही है। अधिकारियों के द्वारा मंत्री के साथ तालमेल न बनाये जाने की शिकायतों के बारे में तथ्य सामने आनले पर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव इस दिशा में जरूरी कदम उठायेंगे। अधिकारियों से फिल्ड की वस्तुस्थिति की जानकारी भी इस मंथन के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी। भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और योजनाओं की समय सीमा का पालन किया जा सकेगा। लेकिन यदि समीक्षा की सही मूल्यांकन हुआ और इसकी मकसद सही हुआ तो तभी यह सब परिणाम मिल पायेंगे। अभी तक किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही नहीं होने से इस प्रकार का सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार बात को समझना चाहते हैं और इसके बाद से दंडात्मक कार्यवाही की दिशा में भी कदम उठायेंगे।

इस समीक्षा के पीछे एक राजनीतिक कारण भी बताया जा रहा है। वह यह कि इससे काम पर पकड़ या विभाग पकड़ न रखने वाले मंत्रियों को भी चिन्हित किया जायेगा। उनके बारे में संगठन से बात करे उनके स्थान पर किसी और को जिम्मेदारी हस्तान्तरित की जा सकेगी। सूत्रों का कहना है कि दो मंत्रियों का नाम सामने आ रहा है। एक महिला मंत्री हैं जिनको हटाकर उनके स्थान पर झाबुआ से जीती महिला विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है। अभी इस खबर पर सबकी नजर लगी हुई है। अभी सिंधिया के साथ आये विधायकों का मंत्री पद सुरक्षित है उनका काम कमजोर होने के बाद भी उन्हें मौका दिये जाने की चर्चा हो रही है।

प्रशासनिक फेर बदल और बजट को लेकर भी इस मंथन की रिपोर्ट आने की स्थिति के बारे में अनुमान लगाया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मंथन के इस मैराथन में केवल अमृत भर नहीं निकला है विष भी निकल रहा है। लेकिन अभी वह विष शिव के कंठ में समाहित है लेकिन उसे वहां पर लगातार स्थान मिलेगा ऐसा नहीं है नये साल के दूसरे सप्ताह के समाप्त होने के बाद इस पर प्रतिक्रिया शुरू हो जायेगी।

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