शिवराज की चेतावनी : मास्क कफन से छोटा होता है

30 अप्रैल तक खुद लगाएं जनता कर्फ्यू मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आह्वान

भोपाल (विशेष प्रतिनिधि)। प्रदेश को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना महामारी की भयावह स्थिति को स्पष्ट करते हुए बड़े ही तल्ख अंदाज में कहा मास्क कफन से छोटा होता है? जनता को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कह दिया की संक्रमितों की संख्या के सामने व्यवस्था उतनी तेजी से नहीं बन पा रही है। इसलिए संक्रमण की चैन को तोड़ना बेहद जरूरी है। शिवराज सिंह चौहान ने जनता से आह्वान किया है कि गांव, शहर, मोहल्ले और बिल्डिंग में 30 अप्रैल तक खुद को कर्फ्यू की भांति घरों में ही रखें। जरूरी होने पर ही समस्त एहतिहातों के साथ बाहर निकले, अन्यथा घर में ही रहे। सरकार व्यवस्थाएं करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है फिर भी आत्म अनुशासन की बेहद जरूरत है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश को संबोधित करते हुए कहा कि हमें कोरोना के प्रभाव को रोकने के लिए इसकी चयन तोड़ना बेहद जरूरी है। इसके लिए हम अनुशासन में रहें और बिना जरूरी कार्य के बाहर ना निकले। उन्होंने सुझाव दिया कि गांव, शहर, कॉलोनी और बड़ी बिल्डिंग में आवश्यकता के लिए कुछ लोगों का समूह बना दिया है जाए जो जरूरतों की आपूर्ति करेगा। बाकी लोग 30 अप्रैल तक घरों से बाहर ना निकले। जब घर से बाहर निकलने की स्थिति बने तो बिना मास्क के कोई बाहर ना जाए। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि मास्क कफन से छोटा होता है?

सरकारी व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने प्रदेश भर में 110 कोविड सेंटर बनाए हैं। जो प्रत्येक जिले में है। एक अप्रैल को जहां बिस्तरों की संख्या 21159 थी वह 30 अप्रैल तक 50,000 कर ली जाएगी। आज बिस्तरों की संख्या 40784 है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाएं विस्तारित करने के लिए सरकारी भवन हम दे रहे हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं आगे आ रही है जिसमें उन्होंने राधा स्वामी सत्संग व्यास का उल्लेख किया। जिन्होंने इंदौर में अपने भवन को कोविड के उपचार के लिए उपलब्ध कराया है।

ऑक्सीजन संकट पर सरकार का पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कहीं भी यह कल्पना नहीं की जा सकती थी कितने मरीज सामने आएंगे और व्यवस्थाएं छोटी पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन आपूर्ति सामान्य बनाने की दिशा में हम पहुंच गए हैं और 30 अप्रैल तक 700 मेट्रिक टन उपलब्धता हो जाएगी। अभी यह उपलब्धता 445 मेट्रिक टन है। रेमडेसीवीर इंजेक्शन के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी आपूर्ति के लिए निजी और सरकारी संस्थाओं को ऑर्डर प्रेषित किए हैं। यह सच है कि अभी इसकी मांग तेजी से बढ़ी और आपूर्ति बाधित हुई थी। लेकिन इसे नियमित बनाने के लिए पूरे प्रयास किए गए हैं। उन्होंने जिक्र किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, उद्योग मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से निरंतर बातचीत करके आपूर्ति को सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया की संक्रमण के संबंध में हल्का सा भी महसूस होने पर तत्काल जांच कराएं। घर में आइसोलेशन की व्यवस्था करें। संजीवनी काल सेंटर के माध्यम से इलाज की संपूर्ण व्यवस्था निशुल्क की जाएगी। हमें अपने परिवार के प्रति प्यार है तो उसे सुरक्षित रखने के लिए हम संक्रमण की चैन को तोड़ने का प्रयास करें। संक्रमित हो जाने पर अलग रहकर अपने परिवार की सुरक्षा करें। शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से भी आग्रह किया है कि वह सकारात्मकता परोसने में सहयोग करें। जब 11-12 हजार लोग प्रतिदिन संक्रमित हो रहे हैं तो 7-8 हजार लोग स्वस्थ होकर भी अपने घरों में जा रहे हैं। हमें समाचारों की भयावहता की जगह रचनात्मकता के साथ कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांझ के बाद सुबह आता ही है।इसलिए संक्रमण की भयावहता को समाप्त करने में हम जूटे और आने वाला समय खुशहाली का होगा इसके प्रयास में सभी मिलकर प्रयास करें। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से भी आग्रह किया मतभेद के अनेकों विषय हो सकते हैं लेकिन जहां जीवनरक्षा की जरूरत है वह सब मिलकर इस समस्या से निपटें। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों के रोजगार को बचाए रखने की जिम्मेदारी भी सरकार की है। इसके बाद भी वह अपने अगले संबोधन में कुछ राहत दिए जाने के संबंध में चर्चा करेंगे।

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