विधानसभा सत्र का दूसरा : दिन किसान कर्जमाफी पर सरकार नहीं दे पाई जवाब : बहिर्गमन

भोपाल। [विशेष प्रतिनिधि] विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज किसान कर्जमाफी पर सरकार प्रश्रकाल में ही घिरती हुइ दिखाई दी। संसदीय कार्यमंत्री डा. गोविंद ङ्क्षसंह का बचाव भी काम नहीं आया। जब सरकार सलीके नहीं बताई पाई अध्यक्ष बचाव में उतरे। तब विपक्षी दल भाजपा ने बहिर्गमन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
भाजपा विधायक विश्वास सारंग के सवाल के जवाब में मंत्री डा. गोविंद सिंह ने बताया कि किसानों की कर्जमाफी की जा रही है। खजाना खाली होने के कारण अभी तक 50 हजार तक की कर्जमाफी हो चुकी है अब एक लाख तक की कर्जमाफी की शुरूआत हो चुकी है। एक अप्रैल से 2 लारख तक के कर्ज माफ किये जायेंगे। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा सहित अन्य विधायकों ने सरकार की जमकर खिंचाई की।
एक समय तो ऐसा आया तब विपक्षी सदस्यों ने सरकार के जवाब से असन्तुष्ट होकर बहिर्गमन किया तो अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने आसंदी से कहा कि मंत्री क्या मैंने सही सुना है कि 50 हजार तक के कर्ज माफ हो गये। एक लाख तक के होना शुरू हो गये और दो लाख तक के एक अप्रैल से शुरू होंगे? मंत्री ने कहा हां सही सुना है। इस प्रकार विधानसभा के अध्यक्ष्ज्ञ ने सरकार का खुलकर बचाव किया। विश्वास सारंग ने होशंगाबाद जिले का सवाल पूछा लेकिन कर्ज की राशि और किसानों की संख्या पर सरकार उलझ गई।
खाद न मिलने से हाहाकार
शून्यकाल में भाजपा के वरिष्ठ विधायक नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश के किसानों के बीच खाद और यूरिया के संकट का हाहाकार बता कर कामरोको प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान पिट रहा है और सरकार काला बाजारी करवा रही है। यह मेरा आरोप है। अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा कि यह विषय कार्यसूची में समाहित है और समाहित करने का अधिकार मेरे पास ही रहने दीजिये। डा. मिश्रा 139 की चर्चा से खुश नहीं थे।
एमसीयू के छात्रों को मिला शिवराज का साथ
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि का मामला सदन में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उठाया। वे इस मामले पर बड़े भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण विवि है। यहां के छात्रों में देश भर में पत्रकारिता में बड़ा नाम कमाया है। उसे इसय प्रकार बर्बाद होते नहीं देख सकते हैं। कुछ छात्रों ने अपनी मांग के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्हें जिस प्रकार घसीटा गया। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। हद तो तब हो गई जब उन छात्रों की समस्याओं को सुनने की बजाये उन्हें निष्कासित कर दिया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण है इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। छात्रों का जीवन बबार्द हो रहा है। आसांदी की ओर हाथ जोड़ते हुये शिवराज ने कहा कि छात्रों का भविष्य बर्बाद न हो इसके लिए आप आदेश दीजिये। सरकार को कुछ करना चाहिए। शिवराज के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि  मैं शिवराज जी की भावना का समर्थन करता हूं। सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने इससे आगे बढ़ते हुये कहा कि वहां से बुद्धिजीवी पत्रकार निकलते हैं। लेकिन पिछले दिनों से कुछ देश विरोधी, समाज विरोधी गतिविधियां वहां चल रही हैं। इन छात्रों ने इसका विरोध किया है तब उनके खिलाफ छात्रों का आक्रोश है। इस पर तुरन्त काम रोक कर चर्चा कराने की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री डा. गोविंद सिंह ने बहुत ही सलीके से इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील है। हम छात्र जीवन से ही राजनीति में आये हें। इसलिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जायेगा। हम आज ही रिपोर्ट बुलवा रहे हैं और यदि अन्याय हुआ है तो ऐसा नहीं होने दिया जायेगा। हम कोई अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। कोई मनमाना निर्णय लिया गया है तब उसको वापस लिया जायेगा। कल इस विषय पर सदन में चर्चा हो सकती है।

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