मोघे ने ठोकी खंडवा से दावेदारी

भोपाल (विशेष प्रतिनिधि)। खरगोन से लोकसभा के सदस्य रहे भाजपा के पुराने संगठन महामंत्री कृष्ण मुरारी मोघे ने आज भाजपा के वर्तमान महामंत्री संगठन सुहास भगत से मुलाकात कर खंडवा उपचुनाव के संबंध में अपना पक्ष रखा। कृष्ण मुरारी मोघे पांच वर्ष तक इंदौर के महापौर रह चुके हैं। संगठन में उनकी पकड़ और काम करने की तरीका भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता को पसंद है। अब उनकी नई दावेदारी से भाजपा खंडवा के लिए इनके नाम पर विचार जरूर करेगी।

आज भाजपा के पूर्व संगठन महामंत्री खरगोन से 2004 में लोकसभा के सदस्य रहे तथा इंदौर में महापौर का सफलतापूर्वक दायित्व निभा चुके कृष्ण मुरारी मोघे ने आज खंडवा लोकसभा उपचुनाव के लिए विधिवत अपनी दावेदारी ठोक दी। उन्होंने संगठन महामंत्री सुहास भगत से मुलाकात करके खंडवा के संबंध में अपना पक्ष रखा है। सूत्रों का कहना है कि कृष्ण मुरारी मोघे लंबे समय से सक्रिय राजनीति में आने का प्रयास कर रहे हैं। मोघे लंबे समय तक भाजपा के संगठन महामंत्री रहे हैं और आज का नेतृत्व उनके द्वारा सांगठनिक रूप से तैयार किया हुआ ही है। इसलिए मोघे की दावेदारी को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। वैसे ही भाजपा का प्रदेश नेतृत्व सभी चार उपचुनाव के संदर्भ में प्रारंभिक चर्चाएं प्रारंभिक कर चुका है। खंडवा में दिवंगत सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्ष सिंह चौहान और बुरहानपुर से विधायक रही पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस के नाम की चर्चा चल रही है। अब मोघे का मैदान में आ जाना भाजपा उम्मीदवारों मैं रोचक प्रतिस्पर्धा पैदा करेगा।

यहां उल्लेख करने की बात है कि कृष्ण मुरारी मोघे 2004 में खरगोन से लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे। वे 2007 तक संसद के सदस्य रहे। लेकिन ऑफिस ऑफ बेनिफिट के मामले में उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा। इसके बाद वे उप चुनाव नहीं जीत पाए। कुछ समय राजनीतिक वनवास बिताने के बाद उन्हें इंदौर में महापौर का चुनाव लड़ाया गया। जिसमें वे विजयी रहे। 5 साल तक इंदौर के महापौर के रूप में उन्होंने सुव्यवस्थित विकास कार्य किया है। खंडवा लोकसभा उपचुनाव के लिए उनकी दावेदारी का क्या परिणाम निकलता है इस पर नजर टिकना स्वाभाविक है?

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