मुस्लिम देशों को दरकिनार कर यूएई ने इजरायल से किए 25 समझौते

दुबई। फिलिस्तीन के मामले पर मुस्लिम देशों की चेतावनी के बावजूद संयुक्त अरब अमीरात इजरायल के साथ आर्थिक क्षेत्र में लगातार साझेदारी बढ़ा रहा है।दुबई में आयोजित हुए ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फोरम में दोनों देशों के दिग्गज जुटे और आगे की कारोबारी रणनीति पर चर्चा की।प्रतिभागियों ने पर्यटन को बढ़ावा देने, रोजगार, टेक्नोलॉजी शेयरिंग, अर्थव्यवस्था और पीने के पानी की किल्लत पर चर्चा की। पिछले साल सितंबर में इजरायल और यूएई में द्विपक्षीय संबंधों के सामान्य होने के बाद हजारों इजरायली सैलानी अरब देश की यात्रा पर पहुंचे। ज्यादातर इजरायली पर्यटकों ने अबू धाबी या दुबई को अपने पसंदीदा शहर के तौर पर चुना।

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फोरम पर नहीं पड़ा फिलिस्तान का असर

रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों देशों के बीच व्यापार पहले ही 35.4 करोड़ डॉलर से अधिक हो चुका है। यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री थानी बिन अहमद अल-ज़ायौदी ने बताया कि दोनों देशों ने 15 से अधिक क्षेत्रों में लगभग 25 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फोरम में आए दोनों देशों के दिग्गजों की बातचीत में फिलिस्तीनियों से संघर्ष की छाया भी नजर नहीं आई। वैसे भी यूएई फिलिस्तीन के मुद्दे पर इस बार इजरायल का कड़ा विरोध करता नजर नहीं आया। फिलिस्तीन, तुर्की और ईरान ने इजरायल पर यूएई के रुख की कड़ी आलोचना भी की थी। 
मगर ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फोरम इजरायल और फिलिस्तीन के संघर्ष से अछूता रहा। बुर्ज खलीफा टॉवर में स्थित आलीशान अरमानी होटल में आयोजित कार्यक्रम में दिग्गजों ने शिरकत की। कार्यक्रम में पहुंचे अबू धाबी में इजरायल के राजदूत ईतन ना'ह ने कहा, आज जो हो रहा है,यह पहले नहीं हुआ था।अगर आपने मुझसे एक साल पहले बात की होती,तब मुझे अनुमान नहीं होता कि (हम) आज यहां दुबई में इन सभी चीजों के बारे में बात करेंगे। ईतन ना'ह ने कहा, पिछले साल 15 सितंबर को अमेरिका की अध्यक्षता में इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात में हुए समझौते के बाद यह पहली बार है जब निवेश को लेकर पहला फेस-टू-फेस कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

अबू धाबी इन्वेस्टमेंट ऑफिस के महानिदेशक तारिक बिन हेंडी ने बताया कि उनके देश ने इजरायली कंपनियों को यूएई में स्थापित होने में मदद की है। इस ऑफिस का मकसद अबू धाबी में विदेशी निवेश को आकर्षित करना और निजी क्षेत्र में विविधता लाना है। तारिक बिन हेंडी ने कहा, हम चाहते हैं कि इजरायल के लोग और बाकी दुनिया के लोग हमारे साथ आएं, और हमारी मदद करें, हमारे साथ काम करें, हमसे सीखें, हमें अपने से सीखने की अनुमति दें, और अंततः संबंध मजबूत बनाएं। 

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