महापौर की हार पर नेताओं की सोशल मीडिया पर छिडी जंग,  पूर्व महापौर ने नगराध्यक्ष से पूछा- हार की जिम्

जबलपुर। मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद आए विपरीत परिणामों को लेकर भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। हार की भड़ास पार्टी के नेता एक दूसरे पर सोशल मीडिया के माध्यम से निकाल रहे हैं और आरोपों की झड़ी लगा भी रहें हैं। नेताओं की भड़ास और आरोप लगाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म बना हुआ है। जबलपुर में भाजपा के दिग्गज नेता भी सोशल मीडिया में एक दूसरे पर हार का ठिकरा फोड़ रहे है।
भाजपा के दो दिग्गज नेताओं सहित पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों के आरोप और प्रत्यारोप की वार्तालाप को सोशल मीडिया में देखा जा सकता है। जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी की अंतरकलह चल रही है। भाजपा महापौर प्रत्याशी के हार के बाद से पार्टी में टीका टिप्पणी का दौर चल चुका है। अब इसको संभालना प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का काम है, नही तो आगामी चुनावों में भी भाजपा को ऐसे ही करारी हार का सामना कर पड़ सकता है।
फेसबुक में चल रही लंबी बहस का कुछ अंश-
प्रभात साहू पूर्व महापौर व भाजपा के वरिष्ठ नेता- वाह रे मीठा-मीठा गप, कड़वा-कड़वा थू । डॉक्टर जामदार जी कैसे हार गए कौन जिम्मेदारी लेगा।
जी एस ठाकुर भाजपा नगर अध्यक्ष जबलपुर- आप बड़े नेता महाकौशल महापौर जैसे बड़े दायित्व का निर्वहन कर चुके है, इस चुनाव में भी आपकी भूमिका तय थी, अपने जिले, अपनी विधानसभा, अपने वार्ड, आत्मचिंतन की आवश्यकता है। आप गिराना किसे चाहते है, व्यक्ति तो गौड होता है। जिस पार्टी ने दशकों आपको सिर पर उठाकर रखा पार्टी के प्रति आपका दायित्व कुछ नहीं? आखिर आप जैसे बड़े नेता की खीज किससे है? बड़े भाई आपका यह आचरण व्यवहार सोशल मीडिया पर आपको क्षणिक वाहवाही दे सकता है, किंतु यह मर्यादित नहीं है, मैं आपसे कम अनुभव का व्यक्ति हूं, राजनीतिक सामर्थ्य भी आपकी तुलना में आंशिक है, किंतु गर्व है कि मैं भाजपा कार्यकर्ता हूं, संगठन के निर्णय को ईश्वर पूजा की तरह मानता हूं। आप इस तरह सार्वजनिक होंगे आशा नहीं की जा सकती। फिर भी आप बड़े है,जो करें या कहें वही उचित होगा।
अधिवक्ता उत्कर्ष रावत- आदरणीय प्रभात जी जैसा पार्टी के प्रति समर्पित व्यक्ति कोई नही है उनको जब जब जो जिम्मेदारी दी गई उन्होंने हमेशा ईमानदारी से निभाया है… जबलपुर में एक पार्टी का ऐसे नेता है जो पार्टी के छोटे से छोटे और कार्यकर्ता के साथ खड़े रहते है.. वो किसी पद पर रहे या ना रहे परंतु उनका मान-सम्मान उनका हर जानने वाला करता है। पार्टी के प्रति जो संवेदनशील हो उस पार्टी के हार के बाद मन खराब होगा ही और अपनी वेदना रखना कही से गलत नहीं है। कई जगह पर भाई साहब के प्रयास से ही कमल खिला है..
जी एस ठाकुर भाजपा नगर अध्यक्ष जबलपुर- गोविंद बल्लभ पंत वार्ड में दूसरी बार भाजपा पार्षद हारा, इस बार महापौर प्रत्याशी 1490 वोट से पीछे हुआ। इसकी जवाबदेही किस पर? रावत जी मैं हमेशा मर्यादा में रहता हूं, आप ही बताए बड़े क्या रहे थे, ये पोस्ट क्या उचित है?
अधिवक्ता उत्कर्ष रावत- आदरणीय आप एक जिम्मेदार पद पर है और हम बहुत छोटे से कार्यकर्ता है अपने से बड़ों का आदर करना और उनका सम्मान करना सीखा है। राजनीतिक तौर पर आप बड़े है और शहर संगठन में आप सर्वोपरि है आज प्रश्न सिर्फ भाई साहब ने नहीं उठाया बल्कि अनेकों कार्यकर्ता के मन में है। भाई साहब ने सबकी वेदना और बात को आज सोशल मीडिया के माध्यम से रखा है और इसमें शायद गलत नही है। रही अलग-अलग वार्ड को हारने या जीतने की समीक्षा करेंगे तो ही जानकारी आएगी क्या सही है क्या नही.. आपके सामने हमारे वार्ड की चर्चा भी आई थी परंतु उम्मीदवार का चयन हो गया और फिर वो वार्ड हार गये.. आप सब बड़े नेता है संगठन के पदाधिकारी है आप से तर्क-वितर्क करने में नुकसान मुझे ही है परंतु प्रभात जी हमारे लिए बड़े भाई है और उनके समर्थन में जब कभी बात रखने की बात होगी संयम और मर्यादित रखने की कोशिश करूंगा। आपको मेरी बात से ठेस पहुची हो तो उसके लिए क्षमा प्रार्थी हु
धीरज मोदी- गोविंद वल्लभ पंत वार्ड बीजेपी वालो ने बीजेपी को सपोर्ट नहीं किया जबकि बीजेपी बड़े पदाधिकारी वहा रहते हैं तीसरे नम्बर में बीजेपी आ गई। बात तो सही बोली उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
अजहर मंसूरी- टिकट जब दिये थे तब प्रभात भैया से राय लिये थे . जो निर्दलीय कि जीत हुई है उसको भाजपा के बड़े नेता के सहयोग से नसीब हुई है।

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