बुरी तरह फ्लॉप साबित हुआ उबर का आईपीओ

नई दिल्ली। पिछले गुरुवार को मल्टीनेशनल होल्डिंग कंपनी सॉफ्टबैंक को उबर में स्टेक से करीब 3.8 अरब डॉलर का फायदा हुआ था। कंपनी को इस फायदे के बाद संस्थापक मासायोशी सन ने अपने निवेशकों से कहा कि अब उनका समय आ गया है। दिलचस्प बात ये है कि मासायोशी की इस बात के बाद भी निवेशक अपने समय का इंतजार कर रहे हैं। सन के अर्निंग प्रेजेंटेशन के ठीक अगले दिन यानी गत शुक्रवार को सॉफ्टबैंक के शेयरों में 5.4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इसके बाद सोमवार को भी कंपनी के शेयरों में 4.9 फीसदी की गिरावट रही। उबर के आईपीओ लांच होने के पहले दिन ही बुरी तरह से फ्लॉप रहा। इसी दौरान अमरीका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव में भी तल्खी देखने को मिली। इन दो बड़ी वजहों से सॉफ्टबैंक को 9 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। बता दें कि कंपनी के संस्थापक मासायोशी सन ने इस एक टेलिकम्युनिकेशन ऑपरेटर से टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट फर्म में तब्दील किया है। उनके 100 अरब डॉलर का विजन का फायदा अब अंशधारकों को मिलते हुए दिखाई दे रहा है। लेकिन, बीते दो दिनों में कंपनी के शेयरों में गिरावट के बाद अब यह संभव हे कि सॉफ्टबैंक के लिए कई बुरी खबरें आ सकती हैं।
गौरतलब है कि गत शुक्रवार को कैब एग्रीगेटर कंपनी उबर 67.7 अरब (करीब 47.33 अरब रुपए) अमरीकी डॉलर की ओपनिंग आईपीओ के साथ पब्लिक ट्रेडेड कंपनी बन गई है। ट्रेड वॉर से सहमे बाजार में लिस्टिंग के पहले दिन ही उबर के शेयर्स 7.7 फीसदी लुढ़के। कंपनी के शेयर्स का आलम यह रहा कि डॉलर के आधार पर, जिन निवेशकों ने कंपनी में 45 डॉलर प्रति शेयर्स की दर 1.80 करोड़ शेयर्स खरीदे थे, उन्हें शुक्रवार को 618 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। इसप्रकार साल 1975 के बाद उबर ऐसी कंपनी बन चुकी है जिसकी अमरीकी बाजार में अबतक की सबसे खराब आईपीओ ओपनिंग हुई है। हालांकि, इसमें अमरीकी डिपॉजिटरी शेयर्स के माध्यम से विदेशी स्टॉक लिस्टिंग शामिल नहीं है।

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