प्रधानमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया, जगह-जगह पौधारोपण वेबीनार के आयोजन

जबलपुर। विश्व पर्यावरण दिवस पर शहर में हर तरफ आयोजन किये गये। कोरोना काल की वजह से सीमित संख्या में आयोजन हुये। लोगों ने वृक्षारोपण किया, ऑनलाईन वेबीनार भी आयोजित किये गये, जिसमें पर्यावरण के महत्व के बारे में बताया गया। 
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक वीडियो कॉन्प्रâेंस के माध्यम से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पुणे के एक किसान के साथ बातचीत की, जिन्होंने जैविक खेती और कृषि में जैव ईंधन के उपयोग के अपने अनुभव को साझा किया।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक वीडियो कॉन्प्रâेंस के माध्यम से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पुणे के एक किसान के साथ बातचीत की, जिन्होंने जैविक खेती और कृषि में जैव ईंधन के उपयोग के अपने अनुभव को साझा किया। प्रधानमंत्री ने भारत में ‘इथेनॉल सम्मिश्रण २०२०-२५ के लिए रोड मैप पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट’’ जारी की। उन्होंने पुणे में देश भर में एथेनॉल के उत्पादन और वितरण के लिए महत्वाकांक्षी ई-१०० पायलट प्रोजेक्ट का भी शुभारंभ किया। इस वर्ष के आयोजन का विषय ‘बेहतर पर्यावरण के लिए जैव ईंधन को बढ़ावा देना’ है। इस अवसर पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान भी उपस्थित थे।
खरपतवार निदेशालय में वेबीनार…………….. 
खरपतवार अनुसंधान निदेशालय जबलपुर में  ५ जून २०२१ को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एक ऑनलाईन वेबीनार आयोजन किया गया, जिसमें डॉ पी. जे. खनखने सेवानिवृत्त प्रधान वैज्ञानिक ने विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष की थीम ‘परिस्थितिकी तंत्र बहाली के तहत जल प्रदूषण एवं फाइटोरेमिडिएशन के माध्यम से इसके परिशोधन’ पर अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में भारत में नहरों, तालाबों और नदी के पानी की लगातार खराब होती गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की एवं यह बताया कि दूषित पानी के इस्तेमाल से करीब १५ लाख लोग डायरिया की बीमारी से मर जाते हैं एवं शीशा, कोमियम और कैडमियम की भारी सांद्रता से भी मानव में कई बीमारियां पैदा हो रही हैं। विश्व पर्यावरण दिवस का संचालन प्रधान वैज्ञानिक डॉ शोभा सोंधिया ने किया। विश्व पर्यावरण दिवस के अंतर्गत आयोजित वेबीनार में निदेशालय के डॉ.पी.के.सिंह प्रधान वैज्ञानिक, अन्य वैज्ञानिक, तकनीकी प्रशासनिक एवं अन्य स्टाफ सदस्यों, देश भर के ए.आई.सी.आर.पी वीड मैनेजमेंट के वैज्ञानिक , आई.सी.ए.आर.संस्थान और एन.जी.ओ. ने भाग लिया।
आशियाना संस्कार समिति ने किया वृक्षारोपण……………
पर्यावरण दिवस के अवसर पर आशियाना संस्कार समिति के द्वारा सैनिक सोसाइटी पहाड़ी पर वृक्षारोपण किया गया। संस्था के सचिव राघवेन्द्र सिंह पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि आज संस्था के सदस्यों की उपस्थिति में आम, बरगद, नीम, अमरूद व बहेरा के पौधों का रोपण किया गया है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण ड्रिप सिस्टम से पौधों में पानी देने की व्यवस्था की गई है। श्री पटेल ने बताया कि प्रतिवर्ष संस्था की अध्यक्ष पुष्पलता सिंह पटेल के मार्गदर्शन में वृक्षारोपण निरंतर किया जा रहा है। अभी तक सैकड़ों की संख्या में पौधें रोपित किये जा चुके हैं और सभी जीवित हैं।  इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारीयों में राघवेन्द्र सिंह पटेल, ऋचा सेनगुप्ता, राहुल राजपूत, आयुष, मोहन थापा, अर्जुन थापा, आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
कृषि विश्वविद्यालय…………..
कुलपति जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय प्रो. पी.के. बिसेन की प्रेरणा से कृषि विज्ञान केन्द्र, जबलपुर व इंडियन आयल द्वारा संयुक्त रूप से विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. रश्मि शुक्ला द्वारा स्वागत उद्बोधन में पर्यावरण के महत्व को बताते हुए विश्व पर्यावरण दिवस अवसर पर कम से कम प्रदूषण फैलाने व एक पौध लगाने की अपील की गयी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. डी.पी. शर्मा, संचालक विस्तार सेवायें, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, डॉ. शर्मा ने बताया कि हमें पर्यावरण को बचाना है तथा पेट्रोलियम पदार्थों को खरीदने में लगने वाली विदेशी मुद्रा भी बचाना है यदि पेट्रोल में इथेनॉल का उपयोग करें जो हम फेंक देते थे इससे किसानों के आय में भी बढ़ोत्तरी होगी।
इस अवसर केन्द्र में उपस्थित वैज्ञानिकों कृषक एवं कृषक महिलाओं को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश को संबोधित किया गया जिसे वेबकास्टिंग कार्यक्रम के माध्यम से लाइव प्रसारण दिखाया गया।

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