पीआर कन्सलटेंसी को विज्ञापन से न जोडें यह दुष्प्रचार है : खाड़े

भोपाल। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इस बात की चिन्ता चल रही है कि जनसंपर्क विभाग में एक ऐसी एजेंसी का प्रवेश हो रहा है जो विभाग के सभी काम करेगी। इसमें विज्ञापन भी शामिल हैं। यदि प्रोफेशनल एजेंसी आ जायेगी तो समाचार पत्रों को अधिक दिक्कत आयेगी और अनेकों समाचार पत्रों के बंद होने का खतरा हो जायेगा, जिससे रोजगार छीनेगा। लेकिन आज इस बारे में जब आयुक्त जनसंपर्क सुदाम खाड़े से बात हुई तो उन्होंने इसे गलत बताया और कहा कि यह दुष्प्रचार है। हम एक कन्सलटेंट नियुक्त कर रहे हैं जिसका विज्ञापन वितरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह एजेंसी विभाग को प्रचार का बेस तैयार करने में मदद करेगी। अभी यह प्रक्रियारत है।
यहां यह बताना जरूरी है कि केन्द्र व राज्य सरकार की विज्ञापन नीतियां छोटे समाचार पत्रों को अधिक महत्व नहीं देती। जिससे हजारों पत्रकारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो चुका है। ऐसे में यदि कोई पीआर एजेंसी आये और वह विज्ञापन का काम भी संभाल ले तब बचे-खुचे समाचार पत्रों के सामने भी संकट पैदा हो जायेगा? इसी भाव से इस संकट पर पत्रकारों और पत्रकार संगठनों में गुस्सा है। वे सोशल मीडिया में अपनी बात कह रहे हैं।
इस बारे में आज जनसंपर्क विभाग के आयुक्त सुदाम खाड़े से मुलाकात की गई और उन्होंने इस प्रकार की किसी भी बात को सीरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग हालांकि इस प्रकार का स्पष्टिकरण  खुद नहीं दे सकता है लेकिन आप मेरे हवाले से इसका उल्लेख कर सकते हैं। नेशनल यूनियन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव सुरेश शर्मा और प्रदेश में संबद्ध इकाई जर्नलिस्ट एसोसिएशन के साथियों ने इस विषय को आयुक्त महोदय के सामने उठाया था। आयुक्त सुदाम खाड़े ने कहा कि यह एक कन्सलटेंसी ऐजेंसी है जिसका काम केवल विभाग को सलाह देना है। वह हमारे काम को संचालित नहीं करेगी। उन्होंने उदाहरण दिया कि पीडब्लूडी में सड़क निर्माण करने वाले अलग होते हैं लेकिन बेसिक की जानकारी देने के लिए एक कन्सलटेंसी ऐजेंसी नियुक्त होती है। वह एजेंसी कार्य की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार होती है। यदि काम गलत निकला तो उस पर कार्यवाही होती है। ठीक ऐसे ही जनसंपर्क विभाग के लिए भी एक एजेंसी को कार्य दिया जा रहा है। इसके लिए अभी प्रक्रिया जारी है। टेंडर खुलने पर शासन को अधिकार होगा कि वह उस कार्य को किस प्रकार से करवाये। इसलिए यह माना जाना चाहिए कि विभाग के रोजमर्रा के काम में कन्सलटेंसी का कोई लेना-देना नहीं होगा।
सुदाम खाड़े ने बताया कि विज्ञापन देने का कार्य पहले भी संचालनालय का था और आगे भी उसी का ही रहेगा। इसके बारे में दुष्प्रचार का कोई मतलब नहीं है। जब उनसे कहा गया कि यह एजेंसी सरकार का चेहरा चमकाने का काम करेगी तब उन्होंने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है। यह एजेंसी विभाग को बेहतर कार्य के लिए सलाह देगी और उसका वह मेहनताना लेगी।
आयुक्त जनसंपर्क सुदाम खाड़े ने कहा कि हम प्रदेश के विकास के लिए किये जा रहे कार्यों के लिए जन मानस को जानकारी देते हैं। सरकार जनोन्मुखी कार्य करती है उसका प्रचार किया जाता है। यह कार्य अब भी संचालनालय ही करेगा। विज्ञापन भी संचालनालय की ओर से ही जारी होंगे। इसलिए किसी भी प्रकार का भ्रम पैदा करने का कोई कारण नहीं बनता है। उन्होंने जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को कहा कि इस प्रकार का भ्रम यदि पत्रकारों में बनता है तब आप उसे दूर करने में विभाग का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के हित के लिए सरकार हमेशा संवेदनशील रहती है।

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