पर्रिकर सहित 10 को श्रद्धांजलि के बाद सदन स्थगित

[भोपाल। विशेष प्रतिनिधि] मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र आज से शुरू हो गया। इस सत्र में कमलनाथ सरकार का पूरा बजट पेश किया जायेगा। इससे पहले लेखानुदान और अनुपूरक बजट से ही सरकार काम चला रही है। इसके कारण प्रदेश में आर्थिक संकट साफ दिखाई दे रहा है। आज सदन के पहले दिन अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने देश के महत्वपूर्ण व्यक्तियों और जनप्रतिनिधियों के निधन का उल्लेख किया।  मुख्यमंत्री कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने विचार रखकर मृतकों को श्रद्धाजंलि अर्पित की। सदन ने दो मिनट मौन रह कर उन्हें याद किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने सदन को बताया कि गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, राज्य और विधानसभा की पूर्व सदस्य श्रीमती विमला वर्मा, सर्व श्री शिवनारायण मीणा, सुन्दर लाल तिवारी, श्रीमती गंगा बाई उरेती, दविजय कुमार पाटनी, सतीश कुमार चौहान, श्रीमती मीरा धु्रवे और बलराम सिंह ठाकुर तथा नक्सली और आतंकी हमलों में शहीद हुये प्रदेश के जवानों के निधन का उल्लेख किया। लेकिन वे जगतगुरू सत्यमित्रानंद महाराज के निधन का उल्लेख करना भूल गये जिसे नेता प्रतिपक्ष ने उल्लेखित किया। उन्होंने अपनी ओर से श्रद्धाजंलि अर्पित की।
इसके बाद सदन के नेता कमलनाथ ने बुहत ही संक्षेप में अपना बयान रखा। उन्होंने कहा कि जिनके नाम का उल्लेख अध्यक्ष जी ने किया है वे उन्हें अपनी ओर से श्रद्धाजंलि अर्पित करते हैं उन्होंने कई सदस्यों के साथ काम किया है। उनके जाने का दुख है। यह भगवान का निर्णय है। उन्होंने शहीद जवानों का उल्लेख जरूर किया। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने  मनोहर पर्रिकर के जीवन को आदर्श बताते हुये कहा कि वे एक बार गोवा गये थे तब पर्रिकर जी उनके मिलने के लिए स्कूटर से आये थे। उनकी सादगी एक मिशाल है जो हम सबको उसे स्वीकार करना चाहिए। उनका जीवन पे्ररित करता है। गोपाल भार्गव ने स्वामी सत्यमित्रानदं जी महाराज के निधन का उल्लेख करते हुये उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ओर से श्रद्धजंलि देते हुये मनोहर पर्रिकर के साथ किये गये कार्यों की जानकारी सदन को दी। एक बार पेट्रोल-डीजल के भाव एक साथ 10 रुपये कम करके बाकी भाजपा सरकारों को परेशान कर दिया था। वे ही ऐसा निर्णय ले सकते थे। वन रेंक वन पेंशन उनके रहते ही हो सकता था जो उन्होंने किया। वे अजात शत्रू थे।
हम प्रतीक्षा में हैं…. क्यूं में है अगला नम्बर
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव अपनी बेबाकी के लिए प्रसिद्ध हैं। आप अपने कक्ष में पत्रकारों से सहज भाव से बात कर रहे थे। हमने पूछा आपने तो इंदौर में भी कमलनाथ सरकार के गिरने की बात कही है उस पर क्या कहना है। गोपाल भार्गव ने कहा कि हम प्रतीक्षा में हैं और काम अभी कर्नाटक में चल रहा है। विधायक और पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने भी साथ देते हुये कहा कि 'वी आर इन क्यू और क्यू में अगला नम्बर है।' गोपाल भार्गव ने कहा कि आज भी सरकार की रूख अजीब था। मुख्यमंत्री ने श्रद्धाजंलि देने में भी कंजूसी की। स्वामी सत्यमित्रानंद जी का नाम नहीं जोड़ा गया। हालांकि उन्होंने दूसरी सूची में उनका नाम जोड़ा लेकिन इससे लगता है कि सरकार की प्राथमिकता किस प्रकार की है। सरकार भयभीत है। हम सदन में महत्वपूर्ण विषयों को उठाकर जनता की समस्याओं का समाधान चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में हम जनहित के विषय उठायेंगे इसके लिए हमने नोटिस दे रखा है। उनकी बातों से लग रहा था कि विपक्षी दल भाजपा ताकत के साथ सरकार को घेरने जा रही है।

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