दत्तात्रेय होसबोले संघ के नये सरकार्यवाह

दत्तात्रेय होसबोले संघ के नये सरकार्यवाह

> बेंगलुरू में हुई प्रतिनिधि सभा की बैठक में हुआ निर्वाचन।
> संघ के पदाधिकारियों और उच्च स्तरीय नेताओं में हुआ बड़ा बदलाव।
> संघ में आये ठहराव को निरन्तरता में बदलने का प्रयास दिया दिखाई।
> संघ के मानवीय चेहरे के साथ उदारवादी नेतृत्व से बदलाव की अपेक्षा।

बेंग्लुरू। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दो दिवसीय प्रतिनिधि सभा में दत्तात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह चुना गया है। वे अब संघ में दूसरे स्थान के सबसे बड़े अधिकारी होंगे। इस प्रतिनिधि सभा में सुरेश भैय्या जी जोशी के स्वास्थ्य कारणों से पद त्यागने के आग्रह को स्वीकार कर लिया गया। इसी के साथ सह सर कार्यवाह के पदों में व्प्यापक बदलाव किया गया। मध्यप्रदेश की धरा के दो प्रमुख अधिकारी भैय्या जी जोशी और सुरेश सोनी को अब कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है। सुरेश सोनी पहले सह सरकार्यवाह के पद पर कार्य कर रहे थे। वे काफी प्रभावशाली और राजनीतिक पार्टी के साथ समन्वय का कार्य भी देखते रहे हैं। अन्य पदों पर भी बदलाव के साथ संघ में युवाओं और उदारवादी सोच के साथ पेश करने का प्रयास भी इसमें दिखाई दे रहा है।

दो दिनी प्रतिनिधि सभा में नये पदाधिकारियों के चयन के साथ ही आने वाले दिनों में संघ की दिशा क्या होगी इसको लेकर भी विचार किया गया है? केन्द्र सरकार के कामकाज और बंगाल के चुनाव में ऊंट किस करवट बैठने वाला है। संघ का कहना है कि राम मंदिर किसी एक पार्टी का अभियान नहीं है अपितु करोड़ों हिन्दूओं की आकांक्षाएं इससे जुड़ी रही हैं। मंदिर निर्माण के कार्य के शुरू होने पर इस आकांक्षा के पूर्ण होने की स्थिति बन रही है। आरक्षण के संबंध में पूछ गये सवाल के जवाब में सन्तुलित जवाब दिया गया। सरकार्यवाह ने कहा कि संविधान ने जिस भावना के तहत आरक्षण का उल्लेख किया है संघ उसका समर्थन करता है। लव जिहाद पर उन्होंने कहा कि  धोखे से विवाह करके बाद में मतान्तरण के लिए लोग दबव बनाते हैं समाज को इसका विरोध करना चाहिए। इसके लिए कुछ सरकारों ने कानून बनाये हैं। उन्होंने बताया कि संघ के ग्रामीण क्षेत्र विकास और अन्य सुधार व प्रोत्साहन के आयोजन लगातार चलते रहते हैं। शाखाओं के माध्यम से भी हम ग्रामीण क्षेत्रों में अपना विस्तार करने जा रहे हैं।

इस बैठक में हुए बदलाव का असर मध्यप्रदेश में भी दिखाई देगा। संघ के दोनों पदाधिकारी भैय्या जी जोशी और सुरेश सोनी ने पद छोडऩे की इच्छा जताई थी। उनके स्थान पर नई नियुक्जियां हुई हैं। रामदत्त चक्रधर को सह सरकार्यवाह बनाया गया है। इससे पहले वे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के क्षेत्र प्रचारक के रूप में काम कर रहे थे। अरूण कुमार जी का मुख्यालय भोपाल था लेकिन दायित्व परिवर्तन के उसे दिल्ली कर दिया गया है। मनमोहन वैद्य का मुख्यालय भोपाल होगा। वे सह सरकार्यवाही बने रहेंगे। मध्य क्षेत्र के सेवा प्रमुख अशोक अग्रवाल को अब मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ का क्षेत्र कार्यवाह बनाया गया है। श्री अग्रवाल गुना मप्र के रहने वाले हैं। यह दायित्व अभी तक  माधव विद्वांस के पास था। सह क्षेत्र कार्यवाह पहले की भांति हेमंत मुक्तिबोध बने रहेंगे। इसी तरह मध्य भारत प्रांत में प्रांत प्रचारक की जिम्मेदारी संभाल रहे अशोक पोरवाल को सह क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनाया गया है। सह प्रांत प्रचारक प्रमुख स्वप्रिल कुलकर्णी को मध्य भारत का प्रांत प्रचारक बनाया गया है। विमल गुप्ता सह प्रांत प्रचारक होंगे।

संघ के पदाधिकारियों की रचना इस प्रकार से हुई है।
डॉ मोहन राव भागवत सरसंघचालक
दत्तात्रेय होसबोले सरकार्यवाह
डॉ कृष्ण गोपाल, डॉ मनमोहन वैद्य, मुकुंद सीआर° अरुण कुमार°और रामदत्त चक्रधर सह सरकार्यवाह।
बौद्धिक प्रमुख  स्वांत रंजन, सह बौद्धिक प्रमुख सुनील भाई मेहता
शारीरिक प्रमुख सुनील कुलकर्णी सह शारीरिक प्रमुख जगदीश प्रसाद 
व्यवस्था प्रमुख मंगेश भिड़े, सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक।
प्रचार प्रमुख सुरेश चंद्र, सह प्रचार प्रमुख अद्वैत चरण और अरुण जैन
सेवा प्रमुख पराग अभयंकर, सह सेवा प्रमुख राजकुमार मथाले
संपर्क प्रमुख रामलाल, सह संपर्क प्रमुख रमेश पापा और सुनील देशपांडे
प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर और आलोक कुमार।

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