ट्रांसपोर्ट संचालकों ने ‎लिया 40 फीसद तक मालभाड़ा बढाने का निर्णय

भोपाल। डीजल के लगातार बढते दाम के कारण अब राजधानी के ट्रांसपोर्ट संचालकों ने माल भाड़ा बढोत्तरी करने का फैसला ‎लिया है। यह माल भाडा 40 फीसद तक बढ़ाया जाएगा।  माल भाडा बढाने का कारण वे पांच महीने में डीजल के 12.21 रुपये प्रति लीटर महंगा होने, टोल टैक्स व बीमा प्रीमियम बढ़ने को कारण बता रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने रेट (किराया) पर वे माल को एक से दूसरे स्थान पर नहीं ले जा सकते। इसलिए जल्द ही वे नए रेट पर भाड़ा लेने लगेंगे। ऐसा होने पर जनता पर दोहरा बोझ पड़ेगा, क्योंकि पहले ही वे महंगा पेट्रोल-डीजल खरीदने को मजबूर हैं। ऊपर से माल भाड़ा बढ़ा तो किराना से लेकर प्रत्येक जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। गौरतलब है कि जनवरी में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 91.50 रुपये थी, जो अब 102.61 रुपये पर पहुंच गई है। वहीं 81.68 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला डीजल अब 93.89 रुपये का हो गया है। इस तरह दोनों में ही खासी वृद्धि हुई है और हर वर्ग परेशान हैं, क्योंकि ईंधन के कारण जरूरत की हर वस्तु की कीमत भी बढ़ गई है। भाड़ा बढ़ने पर बाजार पर और असर पड़ेगा। मालूम हो ‎कि राजधानी में परचून, कपड़ा, फुटवेयर, लोहा, सीमेंट समेत अन्य सामान बाहर से आता है। यह माल दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक आदि प्रदेशों से आता है। इसके अलावा सब्जियां व फल उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा आदि राज्यों से आते हैं। कोरोना कर्फ्यू के दौरान 10 फीसद गाड़ियां भी सड़कों पर नहीं दौड़ी। अब चूंकि कर्फ्यू में ढील दी गई है। ऐसे में दूसरे राज्यों से माल शहर में आने लगेगा। इस बारे में भोपाल ट्रक एवं ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्रपाल सिंह गिल का कहना है ‎कि कोरोना काल एवं ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट कारोबार बर्बाद हो गया है। कर्फ्यू में 10 फीसद ट्रक भी नहीं चले। सिर्फ किराना, दवा व अन्य जरूरी सामान ही ढोया गया। दूसरी ओर सरकार ने ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को कोई राहत नहीं दी है। माल भाड़ा बढ़ाना ही विकल्प है। वहीं भोपाल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक मालपानी का कहना है ‎कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान ट्रांसपोर्ट कारोबार ठप रहा। ऊपर से डीजल की कीमत हर रोज बढ़ती गई तो टोल टेक्स 10 फीसद व बीमा प्रीमियम 40 फीसद तक बढ़ी है। इस कारण खासा नुकसान हो रहा है। लिहाजा, 40 फीसद तक माल भाड़ा बढ़ाने का निर्णय लिया है।

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