ज्वैलर्स को लगाया पचास हजार का चूना

कर्मचारी को चकमा देकर ले भागा, सोने की चैन
भोपाल।
हबीबगंज थाना क्षेत्र स्थित कनिष्क ज्वेलर्स के संचालक को जालसाज ने पचास हजार रुपए का चूना लगा दिया। दरअसल, एक बदमाश उनकी शॉप पर आया था और पचास हजार रुपए तक की चेन मांगी। चेन पसंद आने के बाद जालसाज घर से पैसे देने का कहकर शॉप से नौकर को अपने साथ ले गया था। नौकर बाइक चला रहा था, तभी पीछे चेन का डिब्बा लेकर बैठे आरोपी ने डिब्बे से चेन निकाल ली। जालसाज नौकर को चकमा देकर फरार हो गया।
पुलिस ने जालसाज पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार कनिष्कि अग्रवाल पिता रविंद्र अग्रवाल (23) ई-7, एलआईजी 244 में रहता है। कनिष्क ने बताया कि राज काम्प्लेक्स 11 नंबर मार्केट में कनिष्ट ज्वलरी शॉप है। सोमवार दोपहर ढाई बजे शॉप पर उनके पिता रविंद्र बैठे हुए थे। इस दौरान दुकान में कर्मचारी जितेंद्र शर्मा और कुंदन सिंह भी थे। ढाई बजे के करीब एक छह फीट का युवक आया और कहने लगा कि चेन खरीदनी है पचास हजार तक की चेन दिखाओ। इसके बाद चेन पसंद की और पैसे घर से देने का कहा था। 
कनिष्क ने बताया कि जालसाज ने कहा था किसी को साथ में घर भेज दो घर से पैमेंट ले लेगा। रविंद्र अग्रवाल ने चेन का डिब्बा कुंदन को देते हुए उसे साथ जाने का कहा था। कुंदन बाइक चला  रहा था, जबकि जालसाज पीछे बैठा था। रास्तें में जालसाज ने डिब्बे से चेन निकाल ली। इसके बाद कुंदन सिंह को लेकर सांई बोर्ड पहुंचा और वहां एक फ्लैट की डोर बेल बजाई और कहा यह डिब्बा पकड़ो चेन पत्नी को दे देना मेरा जरूरी कॉल आया है मैं अटैंड कर लूं। जालसाज कुंदन को चकमा देकर फरार हो गया था। कुंदन ने जब डिब्बा खोला तो उसमें चेन नहीं थी। उसने तत्काल मालिक को घटना की जानकारी दी थी।
रिकवरी एजेंट ने लगाया ढाई लाख का चूना
तलैया पुलिस ने बताया कि राजेश बंसल पुत्र द्वारिका प्रसाद बंसल (48) लालघाटी क्षेत्र में रहते हैं। बंसल ट्रेडिंग कंपनी के नाम से उनका कारोबार है। उसकी कंपनी राजधानी के दर्जनों अस्पतालों में कपड़ों की सप्लाई करती है। उन्होनें सप्लाई और रिकवरी के लिए पुनीत जैन नाम के युवक को नौकरी पर रखा था। कुछ महीने पहले पुनीत को यह कहकर रखा गया था कि यदि ठीक से काम करेगा तो पक्की नौकरी दे देंगे। कुछ ही दिन काम करने के बाद जब वह काम में लापरवाही करने लगा तो राजेश बंसल ने उसका हिसाब करते हुए उसे निकाल दिया था। बावजूद इसके आरोपी ने गत फरवरी 2018 से मार्च 2019 के बीच में कंपनी का कर्मचारी बनकर अस्पतालों से करीब ढाई लाख रुपए की रकम वसूल ली।

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