कूड़ेदान में जा रहा है उमंग सिधार मामला

भोपाल ( विशेष प्रतिनिधि )। सोनिया भारद्वाज आत्महत्या मामले में पूर्व मंत्री तथा कांग्रेस विधायक उमंग सिधार की संलिप्तता का मामला जांच होने पर से पहले ही कूड़ादान में जाता हुआ दिखाई दे रहा है । शिवराज सरकार ने प्रकरण दर्ज कर बाकायदा जांच शुरू करा दी थी। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा इस मामले में अमर्यादित राजनीति किए जाने के उपरांत यह मामला इतना विवादित हो गया। उसे ठंडे बस्ते में डालना राजनीतिक मजबूरी हो गया। हालांकि गृह विभाग तथा कांग्रेस के एक बड़े नेता का अभी भी यह मंतव्य है कि यह मामला परिणाम तक जरूर पहुंचे। मीडिया समेत कई अन्य क्षेत्र है जिनकी नजर आज भी इस आत्महत्या मामले में लगी हुई है। यह मामला राजनीति के एक काले परिदृश्य का बड़ा उदाहरण भी है।

पूर्व मंत्री उमंग सिंगार के शाहपुरा स्थित निजी आवास में हरियाणा निवासी सोनिया भारद्वाज अपनी मां और पुत्र के साथ रह रही थी। जिस प्रकार की चर्चा सामने आई है उससे यह प्रकरण प्रेम प्रसंग का समझ में आया है। प्यार में असफल होती सोनिया ने एक नोट लिख कर आत्महत्या कर ली  पुलिस का कहना है कि विधायक उमंग ने सोनिया को आत्महत्या के लिए उकसाया जबकि सोनिया का बेटा पूर्व में दिए अपने बयान से मुकर गया और उमंग के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने को सही नहीं मान रहा है। सोनिया की मां इस सारे मामले मैं रहस्यमयी मौन साधे हुए हैं। इसलिए जब तक पुलिस विवेचना का परिणाम सामने नहीं आएगा तब तक संदेह का लाभ सभी पक्षों को मिलता रहेगा। वैसे यह भी चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही है कि उमंग सोनिया के साथ विवाह करना चाहते थे और इसीलिए उन्होंने अपने निजी निवास में उन्हें शरण दे रखी थी। अभी दोनों के बीच में किस प्रकार के और कितने गहरे संबंध थे इस पर पुलिस की नजर है और सोनिया कि निराशा इस कदर कैसे पहुंचे यह भी आत्महत्या के इस मामले में विवेचना का पहलू है।

जब पुलिस ने इस सारे मामले में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की तब कांग्रेस के विधायकों ने उमंग का साथ देने के लिए डीजीपी से मुलाकात कर इस मामले को राजनीतिक करार देने का प्रयास किया। इन्हीं विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर भी दबाव बनाया और वह इसमें एक ऐसे बयान के साथ कूद पड़े जिसने सारे मामले की दिशा को बदल दिया। कमलनाथ ने हनी ट्रैप मामले की सीडी सार्वजनिक करने की धमकी देकर इस सारे मामले को राजनीतिक भंवर में डाल दिया। पुलिस प्रशासन हो या मीडिया अब सोनिया आत्महत्या मामला उसके लिए महत्व का नहीं रहा। कमलनाथ के पास हनीट्रैप की सीडी है यह खबर गंभीर हो गई। दोनों पक्षों की तरफ से इस मामले में जबरदस्त राजनीति किए जाने के कारण भी यह मामला ठंडे बस्ते में जाता हुआ दिखाई दिया।

हनी ट्रैप मामले की सीडी या पेन ड्राइव पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास होने की खबर के बाद गृह मंत्री और सरकार के प्रवक्ता डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री के रूप में ली गई गोपनीयता की शपथ को का उल्लेख करते हुए कमलनाथ पर जबरदस्त निशाना साधा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि उन्होंने सरकार के कितने ऐसे दस्तावेज अपने पास छुपा के रखे होंगे यह गंभीर मामला है? कांग्रेस भाजपा के इस बयान युद्ध के बाद उमंग सिंगार राहत की सांस ले रहे हैं। मीडिया और कांग्रेस के एक बड़े नेता जिनको लेकर उमंग मंत्री रहते हुए बयान जारी कर रहे थे वह अभी भी घात लगाए बैठे हैं। परिणाम जो भी हो सोनिया भारद्वाज आत्महत्या मामला कूड़ा दान की तरफ जाता हुआ दिखाई दे रहा है।

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