कांग्रेस की प्राथमिकता में कहां है मध्यप्रदेश

भोपाल (विशेष प्रतिनिधि)। कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के बाद मल्लिकार्जुन खडग़े ने जो संचालन समिति बनाई है उसमें मध्यप्रदेश को कोई महत्व न मिलने से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। यह भी कहा जाने लग गया है कि हायकमान की नजर में मध्यप्रदेश का कोई महत्व नहीं है। यही कारण है कि एक भी प्रदेश का युवा नेता संचालन समिति में स्थान नहीं बना पाया। खासकर आदिवासी युवाओं में से उमंग सिंधार का नाम लाकर प्रदेश में आदिवासियों में सेंधमारी की जा सकती थी। लेकिन न तो प्रदेश संगठन और न ही प्रदेश के आदिवासियों की कोई चिंता दिखाई गई।

संचालन समिति में राहुल गांधी के प्रतिनिधि के रूप में दिग्विजय सिंह को शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि राहुल की कोठरी में शामिल ठाकुर नेताओं ने दिग्विजय सिह की पैरवी की है जिससे उनको स्थान मिल गया। इसी बीच यह चर्चा भी है कि प्रदेश से अरूण यादव व उमंग सिंधार की चर्चा हुई थी लेकिन दिग्विजय सिंह की पव्रधानता कायश्म रखने के लिए कोई दूसरा नाम नहीं लिया जा सका।

सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ का प्रदेश में कब्जा करने से पहले से ही युवाओं में निराशा का वातावरण है अब दिल्ली की राजनीति दिग्विजय के आसपास घूमने लग गई है तब युवाओं का कांग्रेस में कोई लम्बा भविष्य रह नहीं गया है। समझने वाली बात यह है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के खाली स्थान को युवा भर पाता उससे पहले बड़े ही तरीके से दिग्विजय सिंह ने कब्जा लिया। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस का युवा नेता अपने पुराने नेताओं की राजनीतिक महत्वाकाक्षा के कारण ठगा सा महसूस कर रहा है।

जीतू पटवारी राहुल को बाइक सवारी कराते रहे लेकिन प्रदेश में उनका महत्व कम हो गया। अरूण यादव व मीनाक्षी नटराजन राहुल के करीबी नेता रहे हैं लेकिन उनको प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला। बुर्जुग नेताओं की महत्वकांक्षा के कारण प्रदेश हायकमान की उपेक्षा का शिकार हो गया साथ में वह प्रथामिकता से बाहर भी हो गया।

  • कांग्रेस की संचालन समिति में मध्यप्रदेश को नहीं मिला भाव
  • युवाओं को दरकिनार कर केवल दिग्विजय सिंह को दी गई तव्वजो
  • युवा रह गए ताकते….
ठाकुरवाद के दम पर राहुल के यहां दिग्गी की घुसपैठ

कांग्रेस के अन्दरखाने से जानकारी मिल रही है कि राहुल गांधी के करीबी ठाकुरों ने दिग्विजय सिंह को फिर से राहुल कैम्प में पहुंचाने में कामयाबी दिलवा दी। कमलनाथ की प्रदेश में रूचि के कारण उनकी राह आसान हो गई। जिससे राहुल पे दिग्विजय सिंह संचालन समिति में सेट करवा दिया।

प्रदेश में कमलनाथ कांग्रेस!

जब से प्रदेश कांग्रेस की कमान कमलनाथ के हाथ में आई तब से प्रदेश का संचालन नाथ ऐसे कर रहे हैं जैसे वे नाथ कांग्रेस चला रहे हो। जो काम हायकमान को करना है उसकी घोषणा वे खुद ही करते जा रहे हैं। अगले मुख्यमंत्री प्रत्याशी का नाम स्थनीय बैठक में हो गया जबकि यह काम हायकमान करता रहा है। ऐसे में कमलनाथ को चाहे एक पद की आड़ लेकर संचालन समिति में रोका गया लेकिन यह संदेश भी देने का प्रयास किया गया कि आपका कोई व्यक्ति भी इसमें नहीं रखा जायेगा। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button