कमलनाथ सरकार की छह माह के फैसलों की होगी जांच : मिश्र

विशेष प्रतिनिधि
भोपाल।
प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने आज साफ किया है कि कमलनाथ सरकार के आखिर के छह माह के कार्यकाल में हुये निर्णयों की समीक्षा की जायेगी। इसके लिए अधिकारियों को कह दिया गया है कि जब मंत्री समूह के मंत्री आयें तब तक  निर्माण विभागों, माध्यम और कर्जमाफी के विषयों की जानकारी एकत्र करके मंत्रियों के सामने रखने की तैयारी कर लें। डा. मिश्रा ने कहा कि वे इस मामले का राजनीतिक आधार पर निर्णय नहीं लेंगे बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई को अल्पमत की सरकार किस प्रकार बर्बाद किया है इसकी जांच करके निर्णय लिया जायेगा।

आज दो मंत्रियों डा. मिश्रा और कमल पटेल की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुये गृहमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमने अधिकारियों को कह दिया है कि वे सिंचाई, लोक निर्माण सहित अन्य वर्कस विभागों के टेंडर, जनसंपर्क के माध्यम में प्रिंटिंग तथा मुख्यमंत्री फसल ऋण योजना के बारे में जानकारी एकत्र कर ली जाये। जराफिक्स इंडस्ट्रीज की शिकायत ईओडब्लू में हुई है उसकी जानकारी भी मंत्रियों के समूह के सामने रखी जाये। सभी तैयारियां मंत्रियों के आने से पहले एकत्र कर लेने के आदेश भी दिये गये हैं। डा. मिश्रा ने कहा कि जब राज्यपाल ने कमलनाथ सरकार को अल्पमत में आने की सूचना दे दी और बहुमत सिद्ध करने का आदेश थमा दिया था उसके बाद भी सरकार ने इन वर्कस विभागों में टेंडर जारी किये। हम राजनीतिक आधार पर निर्णय नहीं लेंगे लेकिन जनता के धन की लूट करने का अधिकार किसी को भी नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब 6 मंत्रियों के इस्तीफे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिये थे। 22 विधायक सरकार का साथ छोड़ कर चले गये थे तब सरकार को इस प्रकार के निर्णय लेने का अधिकार नहीं था। इसकी जांच करने का जिम्मा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीन मंत्रियों की समिति को सौंपा है। उल्लेखनीय है कि इस प्रकार के आदेश दो दिन पहले ही जारी हुये हैं। इसमें सर्व श्री नरोत्तम मिश्रा मंत्री गृह व स्वास्थ्य, तुलसी राम सिलावट मंत्री जल संसाधन तथा कृषि मंत्री कमल पटेल को शामिल किया गया था। सभी मंत्री जल्द ही बैठक करने वाले हैं। इसी बैठक की तैयारी करने के लिए अधिकारियों को कहा गया है।

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