अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसूनी हलचल तेज

भोपाल। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसूनी हलचल तेज होने से मध्यप्रदेश के वातावरण में भी नमी बढ़ने लगी है। वहीं मानसून केरल से आगे बढ़ने लगा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी उत्तरप्रदेश और उससे लगे मप्र पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। अरब सागर में भी ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से आ रही नमी के कारण राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज बौछारें पड़ने के आसार बने हुए हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक मलाजखंड में 8.4, धार में 0.7 मिलीमीटर बारिश हुई। राजधानी में शाम के समय कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ीं।

प्रदेश के कई जिलों में पड सकती है तेज बौछारें

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 37.5 डिग्रीसेल्सियस रिकार्ड किया गया। जो सामान्य से तीन डिग्रीसे.कम रहा।  मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू पर ऊपरी हवा के चक्रवात के रूप में बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी उत्तरप्रदेश और उससे लगे मप्र पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर एक द्रोणिका लाइन (ट्रफ) कर्नाटक से तमिलनाडू तक बनी हुई है। इस वजह से मप्र में लगातार नमी आ रही है। इस वजह से शनिवार-रविवार को राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि वातावरण में लगातार नमी आने के कारण मानसून पूर्व की गतिविधियों में तेजी आने लगी है। आद्रता बढ़ने के कारण बादल छा रहे हैं। इस वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट होने लगी है। हालांकि बीच-बीच में धूप निकलने से उमस भी बरकरार है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button